अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Ashok Kharat Police Custody: खुद को ‘कैप्टन’ बताने वाले और मंत्रालयों तक रसूख का दावा करने वाले नासिक के चर्चित भोंदू बाबा अशोक खरात की हेकड़ी अब पुलिस कस्टडी में पूरी तरह निकल चुकी है। गिरफ्तारी के बाद शुरुआती कुछ घंटों में साधुत्व का ढोंग रचने वाले खरात को आखिरकार पुलिसिया डंडे के आगे नतमस्तक होना पड़ा।
मिली जानकारी के अनुसार, जब खरात को जेल में ले जाया गया, तो पहले दिन उसने पूरी तरह चुप्पी साध ली थी। जांच अधिकारियों द्वारा पूछे गए किसी भी सवाल का जवाब देने के बजाय वह ऐसे बैठ गया जैसे उसने ‘मौनव्रत’ धारण कर लिया हो। वह किसी भी अपराध को स्वीकार करने के मूड में नहीं था।
लेकिन जैसे ही पुलिस ने अपनी कड़ाई और क्रॉस एग्जामिनेशन शुरू की, खरात का धैर्य जवाब दे गया। बताया जा रहा है कि वह अचानक अपनी आंखें बड़ी-बड़ी करके थरथराने लगा और चीखने लगा “घोर अपराध… घोर अपराध!” उसकी भयानक आवाज सुनकर बाहर तैनात क्राइम ब्रांच के कर्मचारी भी एक पल के लिए सहम गए। हालांकि, पुलिस के सख्त रवैये के आगे यह ड्रामा ज्यादा देर नहीं चला और जल्द ही वह पसीने-पसीने होकर शांत हो गया।
अशोक खरात की गिरफ्तारी किसी फिल्मी सीन से कम नहीं थी। नासिक क्राइम ब्रांच के ‘गुंडा स्क्वॉड’ ने इस ऑपरेशन को इतना गुप्त रखा था कि इसमें शामिल पांच टीमों के कर्मचारियों को भी अंतिम समय तक पता नहीं था कि वे किसे पकड़ने जा रहे हैं। मंगलवार की रात पुलिस ने खरात के घर के बाहर “चोर-चोर” का शोर मचाया। शोर सुनकर खरात को संभलने का मौका ही नहीं मिला। जैसे ही घर में हलचल हुई, पुलिस की टीम सीधे बेडरूम तक जा पहुंची और खरात को बेड़ियों में जकड़ लिया।
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अब खरात के खिलाफ कई पीड़िताएं सामने आ रही हैं। उसके आश्रम में होने वाली अघोरी पूजा और संदिग्ध आर्थिक लेनदेन की गहन जांच शुरू हो गई है। नासिक पुलिस ने उसके मोबाइल रिकॉर्ड्स और मंत्रालयों में उसके तथाकथित संपर्कों की पड़ताल शुरू कर दी है। जो खरात कल तक लोगों को डराता था, आज वह खुद पुलिस के सामने बेबस नजर आ रहा है।