प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Dwarka Grade Separator: नासिक शहर के सारडा सर्कल से द्वारका मार्ग पर ‘ग्रेड सेपरेटर’ के निर्माण का कार्य फरवरी माह में शुरू होने जा रहा है। इसके मद्देनजर शहर यातायात विभाग द्वारा जल्द ही यातायात मार्ग परिवर्तन (ट्रैफिक डायवर्जन) की अधिसूचना जारी किए जाने की संभावना है।
फरवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से भारी और आंतरिक वाहनों को वैकल्पिक मार्गों पर मोड़ा जाएगा, जिससे शहर में यातायात का दवाव बढ़ने की आशंका है। सिंहस्थ कुंभ मेले से पूर्व द्वारका सिग्नल पर ग्रेड सेपरेटर बनाने की घोषणा वर्ष 2025 में की गई थी, जिसके लिए मंत्रालय ने 214 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है।
संबंधित एजेंसियों ने अनुबंध प्रक्रिया शुरू कर दी है और जनवरी के अंत तक निर्माण की अंतिम योजना पूरी होने की उम्मीद है। पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक ने इस संदर्भ में अधिकारियों को अंतिम सर्वेक्षण के आदेश दिए थे।
इसके अनुसार, सात टीमों ने अपना सर्वेक्षण पूरा कर लिया है और रिपोर्ट तैयार की जा रही है। आयुक्त की समीक्षा और आवश्यक बदलावों के बाद इस रिपोर्ट को अंतिम रूप देकर लागू किया जाएगा।
राणेनगर में ‘रैप’ बनाने का काम जारी है, जबकि इंदिरानगर अंडरपास (बोगदा) के एक तरफ का काम अंतिम चरण में है। अधिकारियों का लक्ष्य फरवरी अंत तक रैंप का काम पूरा करना है। इंदिरानगर में ट्रैफिक जाम की समस्या को देखते हुए अंडरपास के चौड़ीकरण के साथ दो छोटे पुल भी बनाए जा रहे हैं।
पुल बनने के बाद मुंबई नाका और पाथर्डी फाटा की ओर जाने वाले वाहन सीधे ऊपर से निकल सकेंगे। हालांकि, कार्य पूरा होने तक नागरिकों को यातायात संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
मार्ग परिवर्तनः द्वारका, सारडा सर्कल, आडगाव नाकर, अशोका मार्ग, वडाला नाका और काग्रेगली से यातायात मोड़ा जाएगा।
अतिरिक्त बलः प्रमुख सर्कलों, चौकों और सिग्नलों पर भीड़ के समय अतिरिक्त यातायात पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी।
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स्वतंत्र लेनः भारी वाहनों के लिए अलग सड़क की योजना बनाई गई है। साथ ही दुपहिया, रिवाला और चौपहिया वाहनों के लिए भी अलग लेन का नियोजन किया जा रहा है।
वैकल्पिक सुधारः इंदिरानगर और राणेनगर अंडरपास के मरम्मत कार्य को देखते हुए अन्य मागों में भी बदलाव संभव है।