प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Urban Infrastructure: नासिक सिंहस्थ कुंभ मेले की तैयारियों के मद्देनजर नासिक के द्वारका सर्कल पर अंडरपास को मंजूरी मिलने के बाद, अब प्रशासन ने एक और बड़ा कदम उठाया है। द्वारका से नासिकरोड़ तक के 8 किलोमीटर लंबे मार्ग को 8 लेन बनाने की योजना तैयार की गई है।
नासिक मनपा ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण को 290 करोड़ रुपये का प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, इस नए प्रस्ताव ने पूर्व में मंजूर फ्लाईओवर और प्रस्तावित ‘मेट्रो नियो’ परियोजना के भविष्य पर संकट के बादल खड़ा कर दिए हैं। द्वारका चौक शहर का सबसे व्यस्त जंक्शन है, जहाँ मुंबई-आगरा और नासिक-पुणे जैसे दो महत्वपूर्ण राष्ट्रीय राजमार्ग मिलते हैं।
नासिकरोड, सिन्नर और शिर्डी की ओर जाने वाले वाहनों की भारी भीड़ के कारण द्वारका से दत्तमंदिर सिग्नल के बीच चौबीसों घंटे जाम की स्थिति बनी रहती है। इस समस्या के समाधान के लिए चार साल पहले भारतमाला परियोजना के तहत फ्लाईओवर मंजूर हुआ था, लेकिन तकनीकी कारणों से काम शुरू नहीं हो सका।
पहले इस मार्ग पर मेट्रो नियो परियोजना के कारण डबल-डेकर पुल (नीचे सड़क, ऊपर मेट्रो) बनाने का प्रस्ताव था। लेकिन मेढी नियों प्रोजेक्ट के ठंडे बस्ते में जाने और अब मनपा द्वारा 8 लेन सड़क का प्रस्ताव भेजने से फ्लाईओवर और मेट्रो दोनों ही लगभग रद्द माने जा रहे हैं, प्रशासन अब फ्लाईओवर बनाने के बजाय सड़क की चौड़ाई बढ़ाने पर अधिक ध्यान दे रहा है।
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मनपा द्वारा भेजा गया यह प्रस्ताव फिलहाल सड़क विकास निगम के पास लंबित है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने यहां फ्लाईओवर की घोषणा की थी, लेकिन स्थानीय जरूरतों को देखते हुए अब चौड़ीकरण को प्राथमिकता दी जा रही है। यदि सड़क आठ लेन की होती है, तो बोधलेनगर, गांधीनगर, उपनगर और नेहरूनगर जैसे क्षेत्रों के निवासियों को ट्रैफिक से बड़ी राहत मिलेगी।