Nashik Environmental Protest( Source: Social Media )
Nashik Environmental Protest: नासिक शहर के दिंडोरी रोड पर सड़क चौड़ीकरण के नाम पर वर्षों पुराने वृक्षों की अंधाधुंध कटाई शुरू है, जिससे स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों में गहरा रोष व्याप्त है।
दिंडोरी नाका से म्हसरूल के बीच लगभग 6 किलोमीटर के दायरे में स्थित इन पेड़ों को बचाने के लिए किए जा रहे प्रयास अब तक विफल साबित हुए हैं।
इस मार्ग पर बरगद और पीपल के पेड़ों की घनी छाया हुआ करती थी, जो न केवल पर्यावरण को समृद्ध करते थे बल्कि इलाके के तापमान को नियंत्रित रखने में भी सहायक थे। रविवार 5 अप्रैल को भी इन पेड़ों की कटाई जारी रही। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस मार्ग पर बरगद के लगभग 26 विशाल वृक्ष हैं, जिनमें से कई 100 वर्ष से भी अधिक पुराने हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि ये पेड़ केवल हरियाली नहीं, बल्कि पक्षियों का रैन बसेरा और शुद्ध हवा का मुख्य स्रोत हैं। वृक्षों की कटाई रोकने के लिए पर्यावरण संरक्षण कार्यकर्ता लगातार संघर्ष कर रहे हैं।
गुरुवार 2 अप्रैल को देवांग जानी, भारत जाधव, हेमंत जाधव, मनोज मेघवाल, प्रवीण शिलावत, अश्विनी भट सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध दर्ज कराया।
कार्यकर्ताओं ने मनपा के अधिकारियों से फोन पर चर्चा कर इस प्रक्रिया को रोकने की मांग की और उन्हें चल रही न्यायिक प्रक्रियाओं से अवगत कराया।
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हालांकि, प्रशासन द्वारा कटाई जारी रखने के संकेतों को देखते हुए, कार्यकर्ताओं ने अब इस मामले को पूरी तरह से कानूनी लड़ाई के जरिए सुलझाने और न्यायालय का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। पर्यावरणविदों ने चेतावनी दी है कि यदि यह कटाई नहीं रुकी, तो क्षेत्र की पारिस्थितिकी तंत्र पर इसके गंभीर और अपरिवर्तनीय परिणाम होंगे।