Nashik Court Verdict Update: ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात की बढ़ी मुश्किलें, सातवें मामले में भी 12 मई तक जेल
Ashok Kharat Tantrik Case: नासिक की अदालत ने ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात को सातवें यौन उत्पीड़न मामले में न्यायिक हिरासत में भेजा। काले जादू के नाम पर महिलाओं के शोषण और धोखाधड़ी के गंभीर आरोप।
- Written By: गोरक्ष पोफली
अशोक खरात (सोर्स: सोशल मीडिया)
Nashik Court Verdict: नासिक की एक स्थानीय अदालत ने ढोंगी तांत्रिक अशोक खरात के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे यौन उत्पीड़न के सातवें मामले में भी जेल भेज दिया है। खरात, जो पहले से ही कई गंभीर आरोपों का सामना कर रहा है, उसे बुधवार को सुनवाई के बाद 12 मई तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
काले जादू के नाम पर यौन शोषण और धोखाधड़ी
अशोक खरात पर आरोप है कि उसने खुद को दैवीय शक्तियों का स्वामी बताकर दर्जनों महिलाओं को अपने जाल में फंसाया। वह न केवल महिलाओं का यौन शोषण करता था, बल्कि काले जादू और पारिवारिक समस्याओं के समाधान का झांसा देकर बड़े पैमाने पर वित्तीय धोखाधड़ी भी करता था। अब तक उसके खिलाफ सात अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज हो चुकी हैं।
सातवीं FIR: विवाहित महिला के साथ बर्बरता
खरात के खिलाफ दर्ज सातवें मामले में एक विवाहित महिला ने बेहद चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। महिला के अनुसार वह अपनी पारिवारिक समस्याओं के समाधान के लिए अपने पति के साथ खरात के पास गई थी। खरात ने महिला के पति को कार्यालय से बाहर बैठने को कहा और महिला को कुछ नशीला पदार्थ पिलाया। बेहोशी और मदहोशी की हालत में खरात ने महिला का यौन उत्पीड़न किया। विरोध करने पर आरोपी ने महिला को जान से मारने की धमकी दी और कहा कि यदि उसने किसी को बताया तो परिणाम भुगतने होंगे।
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सुरक्षा कारणों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पेशी
अदालत ने इससे पहले खरात को एसआईटी (SIT) की हिरासत में भेजा था। बुधवार को उसकी हिरासत अवधि समाप्त होने पर उसे अदालत में पेश किया जाना था। हालांकि, मामले की संवेदनशीलता और सुरक्षा कारणों को देखते हुए, उसे व्यक्तिगत रूप से लाने के बजाय वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के माध्यम से पेश किया गया। पुलिस ने अदालत से दलील दी कि मामले की जांच के लिए आरोपी का हिरासत में रहना जरूरी है, जिसके बाद अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
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एसआईटी (SIT) कर रही है गहरी जांच
अशोक खरात के कारनामों की गंभीरता को देखते हुए नासिक पुलिस ने एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। पुलिस उन संपत्तियों और बैंक खातों की भी जांच कर रही है, जो उसने कथित तौर पर धोखाधड़ी के माध्यम से बनाए थे। इस मामले में और भी पीड़ित महिलाओं के सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
