नासिक सिटी लिंक बस (सार्स: सोशल मीडिया)
Nashik City Link Ticketless Travel Penalty: नासिक शहर की परिवहन व्यवस्था की रीढ़ ‘सिटी लिंक’ बस सेवा इन दिनों अपने सख्त तेवरों के कारण चर्चा में है। प्रशासन ने पिछले एक साल (1 अप्रैल 2025 से 31 मार्च 2026) के दौरान बिना टिकट सफर करने वाले यात्रियों और ड्यूटी में कोताही बरतने वाली कंडक्टर एजेंसियों के खिलाफ एक व्यापक अभियान चलाया। इस कार्रवाई के तहत कुल 18 लाख 5 हजार 168 रुपये का भारी-भरकम जुर्माना वसूला गया है।
अक्सर देखा जाता है कि बिना टिकट यात्रा के लिए केवल यात्रियों को दोषी माना जाता है, लेकिन सिटी लिंक प्रशासन ने इस बार जड़ पर प्रहार किया है। जांच में सामने आया कि कई मामलों में यात्री टिकट लेना चाहता है, लेकिन कंडक्टर की लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक के कारण टिकट जारी नहीं होता। इसी को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने उन निजी एजेंसियों पर भी गाज गिराई है जो बसों में कंडक्टर (वाहक) उपलब्ध कराती हैं। यदि कंडक्टर टिकट देने में विफल रहता है या बिना टिकट यात्री को बस में सवार होने देता है, तो इसका हर्जाना अब संबंधित एजेंसी को भुगतना पड़ रहा है।
सिटी लिंक द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, नासिक शहर और उसके आसपास के 20 किलोमीटर के दायरे में चलने वाली बसों में सघन चेकिंग की गई:
प्रशासन ने अब यह स्पष्ट कर दिया है कि बस में सवार हर यात्री के पास वैध टिकट होना कंडक्टर की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इस कार्रवाई का उद्देश्य न केवल राजस्व की हानि को रोकना है, बल्कि यात्रियों में टिकट लेने की आदत को भी बढ़ावा देना है। एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने कर्मचारियों को सख्त हिदायत दें, क्योंकि अब हर छोटी चूक का आर्थिक दंड सीधे एजेंसी के खाते से कटेगा।
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सिटी लिंक प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे बिना टिकट यात्रा कर कानून का उल्लंघन न करें। टिकट लेना न केवल एक कानूनी जिम्मेदारी है, बल्कि यह सार्वजनिक परिवहन सेवा को बेहतर बनाने में भी सहयोग करता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में यह चेकिंग अभियान और भी तेज किया जाएगा, जिसमें विशेष उड़न दस्ते (Flying Squads) औचक निरीक्षण करेंगे।