'गॉडमैन' अशोक खरात पर ED का सर्जिकल स्ट्राइक: नासिक, पुणे और शिरडी में 11 ठिकानों पर छापेमारी; बड़ा खुलासा

Ashok Kharat ED Raid: नासिक के 'गॉडमैन' अशोक खरात पर ईडी की बड़ी कार्रवाई। नासिक, पुणे और शिरडी में छापेमारी। मनी लॉन्ड्रिंग और ठगी के निवेश की जांच।
Ashok Kharat ED Raid
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PMLA Action Shirdi Pune: नासिक के खुद को 'गॉडमैन' बताने वाले अशोक खरात के काले साम्राज्य पर अब केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ा प्रहार किया है। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की जांच कर रही ईडी की मुंबई ज़ोन-II टीम ने सोमवार (13 अप्रैल 2026) की सुबह से ही महाराष्ट्र के कई शहरों में एक साथ छापेमारी शुरू कर दी है। यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 की धारा 17 के तहत की जा रही है।

यह मामला 6 अप्रैल 2026 को दर्ज प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट (ECIR) पर आधारित है, जिसका मूल नासिक के सरकारवाड़ा पुलिस स्टेशन में दर्ज उस एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें खरात पर जबरन वसूली और धार्मिक भावनाओं के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगे थे।

फर्जी बैंक खातों और नॉमिनी का खेल

ईडी की जांच में यह सनसनीखेज तथ्य सामने आया है कि अशोक खरात ने नासिक की दो को-ऑपरेटिव क्रेडिट सोसायटियों में भारी संख्या में फर्जी बैंक खाते खुलवाए थे। ये खाते भले ही अलग-अलग व्यक्तियों के नाम पर थे, लेकिन उन सभी में खरात खुद 'नॉमिनी' के तौर पर दर्ज था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इन सभी खातों से खरात का अपना मोबाइल नंबर लिंक था, जिससे वह पूरी बैंकिंग गतिविधियों को अकेले नियंत्रित करता था।

'आशीर्वाद' के नाम पर वसूली और निवेश

अशोक खरात का ठगी का तरीका काफी शातिर था। वह साधारण वस्तुओं को 'चमत्कारी और आशीर्वाद वाली वस्तु' बताकर लोगों को बेचता था और दावा करता था कि इनमें बीमारियां ठीक करने की शक्ति है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए उसके 58 वीडियो इस बात के गवाह हैं कि किस तरह मासूम लोगों से करोड़ों रुपये वसूले गए। ईडी के अनुसार, इस ठगी के पैसे को सफेद करने के लिए बड़े पैमाने पर जमीनों में निवेश किया गया। इस साजिश में खरात के चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) प्रकाश पोफले और उनके बेटों की भूमिका भी जांच के दायरे में है।

11 ठिकानों पर एक साथ रेड

आज सुबह से ही ईडी की टीमों ने कुल 11 ठिकानों पर छापेमारी की है, जिनमें शामिल हैं:

नासिक: 5 ठिकाने (खरात का निवास और कार्यालय)।

पुणे: 3 ठिकाने (CA प्रकाश पोफले और सहयोगियों के घर)।

शिरडी: 3 ठिकाने (संबंधित को-ऑपरेटिव सोसायटियों की शाखाएं)।

ईडी अधिकारियों का मानना है कि इस छापेमारी में डिजिटल साक्ष्य और बेनामी संपत्तियों के दस्तावेज बरामद होने से महाराष्ट्र के इस बड़े वित्तीय घोटाले की परतें पूरी तरह खुल जाएंगी।

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