प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Municipal Election Hindi News: नासिक भारतीय जनता पार्टी ने नासिक मनपा चुनाव के बीच अनुशासन का कड़ा हंटर चलाते हुए पार्टी के खिलाफ काम करने वाले 75 पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।
निष्कासित होने वालों में पूर्व महापौर, पूर्व सदन नेता और कई पूर्व पार्षद शामिल हैं। भाजपा के नाशिक महानगर जिला अध्यक्ष सुनील केदार ने पार्टी आलाकमान के निर्देशों के बाद इस कड़े कदम की घोषणा की है।
जिला अध्यक्ष सुनील केदार ने इस कार्रवाई के पीछे कड़े संगठनात्मक कारणों का हवाला दिया है। आधिकारिक उम्मीदवारों के खिलाफ काम करना, निर्दलीय चुनाव लड़ना या विपक्षी दलों का समर्थन करना पार्टी के मूल सिद्धांतों के खिलाफ माना गया है।
केदार ने स्पष्ट किया कि भाजपा में व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर संगठन का हित है। यह कदम भविष्य के चुनावों के लिए अनुशासन को मजबूत करने के उद्देश्य से उठाया गया है। उन्होंने दोहराया कि भाजपा व्यक्ति-केंद्रित नहीं बल्कि सामूहिक विचारधारा पर चलने वाली पार्टी है।
पार्टी से बाहर किए गए 75 नामों में कई ऐसे दिग्गज शामिल हैं जो वर्षों से संगठन का हिस्सा थे। इनमें प्रमुख रूप से कमलेश बोडके, सतीश सोनवणे, अशोक मुर्तडक, मुकेश शहाणे, जितेंद्र चोरडिया, शशिकांत जाधव और सचिन मोरे के नाम शामिल है।
इनमें बड़ी संख्या में वे लोग हैं जो टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय या अन्य दलों से चुनावी मैदान में उतरे थे। जिला अध्यक्ष ने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्रवाई से ईमानदार और निष्ठावान कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ेगा।
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पार्टी विरोधी भूमिका लेने वालों को यह स्पष्ट संदेश दिया गया है कि अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस कार्रवाई के बाद अब चुनावी मैदान में भाजपा के आधिकारिक उम्मीदवारों की स्थिति और अधिक स्पष्ट होने की उम्मीद है।