छत्रपति संभाजीनगर महानगरपालिका (सौ. फाइल फोटो )
Chhatrapati Sambhaji Nagar Smart City: स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत विकसित की गई शहर की सड़कों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। 106 सड़कों पर 500 से अधिक स्थानों पर खराब पैच पाए जाने के बाद प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार के 25 करोड़ रुपये का भुगतान रोक दिया है।
स्पष्ट कर दिया गया है कि सभी पैच की मरम्मत और गुणवत्ता परीक्षण में संतोषजनक परिणाम आने के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा। शहर की जर्जर और गड्डा युक्त सड़कों को सुधारने के उद्देश्य से लगभग 317 करोड़ रुपये की लागत से योजना तैयार की गई थी।
इसके अंतर्गत 110 सड़कों के निर्माण और उन्नयन के लिए निविदा प्रक्रिया पूरी कर ए। जी। कंस्ट्रक्शन कंपनी का चयन किया गया। कार्य को तीन चरणों में पूरा किया गया। पहले चरण में 22, दूसरे चरण में 44 और तीसरे चरण में 40 सड़कों का विकास किया गया।
कार्य पूर्ण होने के कुछ समय बाद विभिन्न क्षेत्रों से सड़क की सतह उखड़ने और गिट्टी बाहर आने की शिकायतें मिलने लगीं। इसे गंभीरता से लेते हुए गुणवत्ता परीक्षण के लिए मुंबई आईआईटी को स्वतंत्र तकनीकी संस्था के रूप में नियुक्त किया गया। आईआईटी की रिपोर्ट में कई स्थानों पर सड़क की ऊपरी परत को निम्न स्तर का बताया गया और संबंधित पैच तत्काल बदलने की सिफारिश की गई।
रिपोर्ट के बाद प्रशासन और तकनीकी टीम ने संयुक्त निरीक्षण किया। इसमें 500 से अधिक स्थानों पर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त पाई गई। कई जगहों पर गिट्टी बाहर आने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है और दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।
अनुबंध की शर्तों के अनुसार विकसित सड़कों की देखरेख और मरम्मत की जिम्मेदारी संबंधित ठेकेदार कंपनी पर अगले दस वर्षों तक रहेगी। इस अवधि में किसी भी प्रकार की तकनीकी खामी पाए जाने पर कंपनी को अपने खर्च पर मरम्मत करनी होगी।
सड़क निर्माण के साथ 9 पुलों का भी प्रावधान था। इनमें से 3 पुलों का निर्माण स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत पूरा किया गया, जबकि शेष पुलों को सार्वजनिक निर्माण विभाग को सौंप दिया गया।
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परियोजना के अंतर्गत अब तक लगभग 230 करोड रुपये का भुगतान किया जा चुका है। शेष 10 प्रतिशत सुरक्षा जमा राशि के अलावा 25 करोड़ रुपये पैच मरम्मत लंबित रहने के कारण रोके गए हैं प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी तकनीकी त्रुटियों को दूर कर गुणवत्ता मानकों को पूरा करने के बाद ही अंतिम भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। शहरवासियों की सुविधा के लिए तैयार की गई स्मार्ट सडकों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है।