ढोंगी अशोक खरात को जेल में जान का खतरा, अदालत में सरकारी वकील का सनसनीखेज दावा
Ashok Kharat Case: नासिक में यौन शोषण मामले के आरोपी अशोक खरात की जान को जेल और यात्रा के दौरान खतरा होने का सरकारी वकील ने अदालत में दावा किया, जिसके बाद कोर्ट ने उसे दोबारा SIT की हिरासत में सौंपा।
- Written By: आंचल लोखंडे
Ashok Kharat (सोर्सः फाइल फोटो-सोशल मीडिया)
Nashik Court News: यौन शोषण और धमकी देने के मामले में गिरफ्तार आरोपी अशोक खरात की जान को नासिकरोड सेंट्रल जेल और यात्रा के दौरान गंभीर खतरा होने का सनसनीखेज दावा सरकारी वकील ने अदालत में किया है। सुरक्षा कारणों के मद्देनजर, खरात को तत्काल अगले अपराध की जांच के लिए ट्रांसफर (वर्ग) करने की विनंती अदालत ने स्वीकार कर ली है। अब खरात को एक बार फिर विशेष जांच दल की हिरासत में सौंप दिया गया है।
सरकारवाडा पुलिस स्टेशन में दर्ज युवती के यौन शोषण और परिजनों को जान से मारने की धमकी देने के मामले में, 3 दिनों की रिमांड खत्म होने के बाद रविवार 26 अप्रैल को खरात को अदालत में पेश किया गया था। अदालत ने इस मामले में उसे 14 दिनों की न्यायिक हिरासत सुनाई। हालांकि, SIT ने तत्काल उसे अगले मामले में हिरासत में लेने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया।
दोनों जगह जान को खतरा-सरकारी वकील का तर्क
सुनवाई के दौरान जब अदालत ने ट्रांसफर आवेदन पर सवाल उठाए, तब सरकारी वकील शैलेंद्र बगाडे और किरण बेंडभर ने सुरक्षा का गंभीर मुद्दा उठाया। एड। बगाडे ने स्पष्ट किया कि आरोपी को अदालत लाते समय और जेल में रखते समय, दोनों ही स्थितियों में उसके जीवन को खतरा है। सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि पूर्व के अपराधों में भी खरात को रात भर जेल में नहीं रखा गया है; कागजी औपचारिकता के लिए उसे कुछ समय के लिए जेल ले जाया जाता है और फिर SIT उसे अपनी कस्टडी में ले लेती है।
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अदालत का निर्णय और अगली कार्रवाई
अभियोजन पक्ष के तर्कों और सुरक्षा की गंभीरता को देखते हुए, अदालत ने अशोक खरात को अगले मामले में ट्रांसफर करने की मंजूरी दे दी। सुरक्षा कारणों से बचाव पक्ष की न्यायिक हिरासत की मांग को दरकिनार कर दिया गया। SIT आज रात तक नए मामले में हिरासत की प्रक्रिया पूरी कर लेगी। इसके बाद, सोमवार को अशोक खरात को पुनः अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी। फिलहाल, अपनी जान को खतरे के दावों के बीच खरात एक बार फिर पुलिस सुरक्षा और SIT की निगरानी में रहेगा।
