जजों के घरों में चोरी से हिला प्रशासन! हाई कोर्ट ने पूछा- आखिरी बार सिक्योरिटी ऑडिट कब हुआ था?

Amravati Judges Colony Theft: अमरावती में जजों के घरों में चोरी पर हाई कोर्ट सख्त। राज्य सरकार से पूछा- आखिरी बार कब हुआ था सुरक्षा ऑडिट? गृह विभाग को नोटिस जारी।
High Court issues notice to Maharashtra Home Dept over thefts at judges' residences in Amravati.
हाई कोर्ट (फाइल फोटो)
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Amravati Security Audit Judges Bunglow: अमरावती जिले के कांतानगर इलाके में जजों और न्यायालयीन कर्मचारियों के घरों में हुई चोरी की गंभीर घटनाओं पर हाई कोर्ट की ने स्वतः संज्ञान लेते हुए जनहित याचिका दायर की है। बुधवार को इस मामले की पहली सुनवाई करते हुए न्या. अनिल किलोर और न्या. राज वाकोडे ने राज्य के गृह विभाग को नोटिस जारी कर इन आवासों का आखिरी बार 'सिक्योरिटी ऑडिट' (सुरक्षा अंकेक्षण) कब हुआ था? इसकी जानकारी के साथ हलफनामा प्रस्तुत करने का आदेश जारी किया।

सिक्योरिटी ऑडिट की विस्तृत रिपोर्ट तलब

न्यायालय ने विदर्भ क्षेत्र में जजों के बंगलों, न्यायालयीन कर्मचारियों के आवासों और कार्यालयों के सिक्योरिटी ऑडिट के संबंध में विस्तृत जानकारी पेश करने का आदेश दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने राज्य के मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को प्रतिवादी बनाते हुए नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने रजिस्ट्री को संबंधित दस्तावेज ‘न्यायालय मित्र’ को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत मित्र के रूप में अधिवक्ता देशपांडे और राज्य सरकार की ओर से सहायक सरकारी वकील कल्याणी मारपकवार ने पैरवी की।

ताले तोड़कर सोना और नकदी ले उड़े चोर

अज्ञात चोरों ने अमरावती के कांतानगर इलाके को अपना निशाना बनाया जहां उन्होंने विशेष रूप से जजों और कोर्ट के कर्मचारियों के घरों के ताले तोड़े। घटना के वक्त ज्यादातर परिवार घर से बाहर थे। चोरों ने घर का ताला तोड़कर अलमारी से सोना और नकदी चुरा ली। वहां ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मचारी अथर अली एजाज अली बेग की शिकायत पर पुलिस ने 3 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

दीवार फांदकर जंगल में भागे आरोपी

पुलिस द्वारा इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं जिनमें 25 से 35 वर्ष की आयु के 3 संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों को मौके पर ही पकड़ने की कोशिश की थी लेकिन वे सुरक्षा दीवार फांदकर पास के जंगल में भागने में सफल रहे।

जानकारी के अनुसार, महाराष्ट्र में जजों और न्यायालयीन कर्मचारियों के आवासों पर चोरों द्वारा धावा बोलने की यह कोई पहली घटना नहीं है। नागपुर खंडपीठ की तरह ही हाई कोर्ट की औरंगाबाद और मुंबई खंडपीठों में भी इस प्रकार की याचिकाएं लंबित हैं। इतना ही नहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी वर्ष 2021 में इसी तरह की घटनाओं पर संज्ञान लिया था।

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