

Nashik Anti Conversion Law First Case: महाराष्ट्र सरकार द्वारा लागू किए गए धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत नासिक शहर में पहला मामला दर्ज किया गया है। भद्रकाली पुलिस थाना क्षेत्र में एक युवती ने आरोपी अमन अफसर खान पर नाबालिग होने के समय से उसका यौन शोषण करने, अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने और शादी के लिए धर्मांतरण का दबाव डालने का आरोप लगाया है।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, पॉक्सो कानून और धर्मांतरण विरोधी कानून की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। युवती के अनुसार, वर्ष 2021 में जब वह 11वीं कक्षा में पढ़ रही थी, तब उसकी पहचान इंस्टाग्राम के माध्यम से अमन खान से हुई। उस समय उसकी उम्र 16 वर्ष थी। पहचान बढ़ने के बाद आरोपी उससे नियमित रूप से मिलने लगा।
इसी दौरान युवती के पिता का निधन हो गया और वह मानसिक रूप से परेशान थी। आरोपी ने उसकी इस स्थिति का फायदा उठाया और शादी का झांसा देकर उसके साथ संबंध बनाए। युवती ने आरोप लगाया है कि नाबालिग होने की जानकारी के बावजूद आरोपी उसे नासिक के एक लॉज में ले गया और वहां उसके साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए, आरोपी ने उससे कहा कि वह उसे कभी छोड़कर नहीं जाएगा और उसे अपनी पत्नी मानता है।
उधर, त्र्यंबकेश्वर के संत निवृत्तिनाथ महाराज समाधि संस्थान के अध्यक्ष राहुल सालुंखे के खिलाफ एक महिला ने शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर नासिक के इंदिरानगर पुलिस थाने में सालुखे के खिलाफ दुष्कर्म समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामला दर्ज होने के बाद से सालुखे फरार बताए जा रहे है। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया है कि राहुल सालुंखे ने शादी का झांसा देकर उसके साथ बार-बार शारीरिक संबंध बनाए। जब महिला ने बाद में शादी के संबंध में उनसे बात की तो वे कथित तौर पर टालमटोल करने लगे।
इसके बाद महिला को अपने साथ धोखा होने का एहसास हुआ और उसने इंदिरानगर पुलिस थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने सालुंखे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला दर्ज होने की जानकारी मिलते ही सालुंखे फरार हो गए।