बाल विवाह की प्रतीत्मक फोटो (सोर्स: सोशल मीडिया)
Legal Action on Child Marriage: आगामी अक्षय तृतीया के पावन मुहूर्त पर होने वाले विवाह समारोहों को देखते हुए नासिक जिला प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। प्रशासन को अंदेशा है कि इस बड़े मुहूर्त की आड़ में चोरी-छिपे बाल विवाह की कोशिशें की जा सकती हैं। इसे रोकने के लिए जिला महिला एवं बाल विकास विभाग ने “जीरो टॉलरेंस” की नीति अपनाई है। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार, जिले के सभी ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है ताकि किसी भी मासूम का बचपन कानून की चौखट पर न रौंदा जा सके।
प्रशासन ने इस बार केवल माता-पिता पर ही नहीं, बल्कि बाल विवाह को संभव बनाने वाले पूरे तंत्र पर प्रहार करने की रणनीति बनाई है। बाल विवाह निषेध अधिनियम के तहत यह स्पष्ट किया गया है कि यदि कहीं बाल विवाह पाया जाता है, तो विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, काजी या धर्मगुरु के साथ-साथ मंडप सजाने वाले, कैटरर्स, बैंड-बाजा बजाने वाले और यहां तक कि फोटोग्राफर पर भी आपराधिक मामला दर्ज किया जाएगा। जो भी व्यक्ति प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इस अपराध में सहभागी होगा, उसे जेल की सलाखों के पीछे जाना पड़ सकता है।
बाल विवाह की घटनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए नासिक जिले के हर गांव में ‘ग्राम बाल संरक्षण समिति’ को सक्रिय कर दिया गया है। जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी सुनील दुसाने ने बताया कि आंगनबाड़ी सेविकाएं, आशा कार्यकर्ता, पुलिस पाटिल, स्थानीय शिक्षक और ग्रामसेवक को विशेष जिम्मेदारी दी गई है। ये समितियां न केवल संदिग्ध विवाहों पर नजर रखेंगी, बल्कि वर-वधु के आयु प्रमाण पत्रों की सघन जांच भी करेंगी।
प्रशासन ने जागरूकता संदेश के माध्यम से समाज को यह समझाने का प्रयास किया है कि बाल विवाह केवल एक कानूनी अपराध नहीं, बल्कि एक सामाजिक अभिशाप है। कम उम्र में शादी होने से लड़कियों का शिक्षा का अधिकार छिन जाता है और उनका शारीरिक विकास अवरुद्ध हो जाता है। सबसे बड़ी चिंता का विषय कम उम्र में मातृत्व है, जिसके कारण कुपोषण और माता-बाल मृत्यु दर में वृद्धि होती है। यह प्रथा पीढ़ियों तक गरीबी और अशिक्षा के चक्र को बनाए रखती है, जिसे तोड़ने के लिए सख्त कानूनी कार्रवाई अनिवार्य है।
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नासिक जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे इस सामाजिक बुराई को रोकने के लिए “मुखबिर” की भूमिका निभाएं। यदि कहीं भी 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की या 21 वर्ष से कम उम्र के लड़के का विवाह तय होने की सूचना मिलती है, तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 या आपातकालीन नंबर 112 पर कॉल करें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा। समाज के हर जिम्मेदार नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह एक मासूम के भविष्य को बचाने के लिए प्रशासन का सहयोग करे।