

Nashik MLC Election Gokul Baban: नासिक स्थानीय प्राधिकारी निर्वाचन क्षेत्र के विधान परिषद चुनाव के नतीजों ने महाराष्ट्र की राजनीति में भूचाल ला दिया है। महायुति का भारी-भरकम संख्याबल होने के बावजूद, आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे की पराजय और निर्दलीय प्रत्याशी गोकुल बबन गीते की अप्रत्याशित जीत ने गठबंधन के भीतर मचे अंतर्कलह और विश्वासघात की पोल खोल दी है।
इस चुनाव में महायुति के पास 619 में से 468 सदस्यों का दावा किया जा रहा था, जो कि जीत के लिए पर्याप्त था। इसके बावजूद परिणाम चौंकाने वाले रहे- गोकुल गीतेः 357 वोट (विजेता), नरेंद्र दराडेः 248 वोट (पराजित)। कुल मतदाताः 619 (618 ने किया मतदान, 13 वोट अवैध)। जीत का कोटाः 303
नतीजों के बाद नरेंद्र दराडे का गुस्सा जिलाधिकारी कार्यालय के बाहर भी देखने को मिला, जहां उन्होंने विजयी प्रत्याशी के समर्थकों के साथ तीखी बहस की। दराडे परिवार ने मंच पर साथ देने का दिखावा करने वालों पर भीतरघात का आरोप लगाया है। किशोर दराडे ने तल्ख लहजे में कहा कि "बाल से हमारा गला काटा गया है।
इस परिणाम के बाद मंत्री उदय सामंत ने भी हार को गंभीरता से लेते हुए माना कि महायुति को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि पराजय के पीछे के कारणों की गहराई से जांच की जाएगी और विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री तथा दोनों उपमुख्यमंत्रियों को सौंपी जाएगी। स्थानीय स्तर के राजनीतिक समीकरण, संगठनात्मक कमियां और वोट टूटने के कारणों का अध्ययन कर आगे की रणनीति तय की जाएगी।
नरेंद्र दराडे और उनके भाई किशोर दराडे ने हार के बाद तीखी प्रतिक्रिया देते हुए गठबंधन के साथियों पर 'विश्वासघात' का आरोप लगाया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोर-शोर से है कि क्या भाजपा ने पर्दे के पीछे से गोकुल गीते का समर्थन किया। 2018 में भी दराडे के खिलाफ भाजपा की भूमिका चर्चा में रही थी, और इस बार दराडे का सीधे यह कहना कि "एकनाथ शिंदे को छोड़कर सभी ने विश्वासघात किया, गठबंधन में बढ़ती दूरियों का स्पष्ट संकेत है।