

Nashik MLC Election Winner Gokul Gite: महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों हर पल एक नया मोड़ देखने को मिल रहा है। नासिक विधान परिषद चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार गोकुल गीते की ऐतिहासिक जीत के बाद अब एक नया रोमांचक अध्याय जुड़ गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जीत के तुरंत बाद गोकुल गीते को नासिक से मुंबई एक 'स्पेशल फ्लाइट' के जरिए लाया गया है, जिसने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। इस अचानक आए 'टर्न' के बाद अब हर तरफ यह चर्चा है कि क्या गीते उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल होने जा रहे हैं।
जैसा कि हमारी पिछली चर्चाओं में सामने आया है, गोकुल गीते ने अपनी जीत का पूरा श्रेय अपने वफादार कार्यकर्ताओं को दिया है। उन्होंने एक बड़ा खुलासा करते हुए बताया था कि चुनाव के अंतिम दिनों में वह प्रचार के लिए बाहर नहीं निकले थे, बल्कि अपने घर पर ही बैठे थे। गीते के अनुसार, राज्य के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों (गिरिश महाजन और उदय सामंत) ने उनके घर आकर उनसे मुलाकात की थी, जिनके सम्मान में उन्होंने 9 जून को अपना व्यक्तिगत चुनाव प्रचार रोक दिया था। हालांकि, उनके कार्यकर्ताओं ने जमीन पर मोर्चा संभाले रखा और उन्हें विजयी बनाया।
अपनी जीत के बाद गीते ने महायुति के आधिकारिक उम्मीदवार नरेंद्र दराडे पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि दराडे ने पिछले आठ वर्षों में मतदाताओं का जो विश्वास तोड़ा, आज उन्हें उसी का परिणाम भुगतना पड़ा है। गीते ने इसे 'कर्मों का फल' बताते हुए कहा कि जनता अब और समय बर्बाद नहीं करना चाहती थी। इस चुनाव में दराडे के खिलाफ भारी आक्रोश देखने को मिला, जिसका सीधा फायदा गोकुल गीते को मिला।
ताजा घटनाक्रम में, गोकुल गीते को विशेष विमान से मुंबई लाना इस बात का संकेत दे रहा है कि सत्ता पक्ष उन्हें अपने पाले में करने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में उनके प्रवेश की अटकलें अब और तेज हो गई हैं। हालांकि, गीते ने पहले यह स्पष्ट किया था कि वह भविष्य का कोई भी बड़ा फैसला अकेले नहीं लेंगे। उन्होंने कहा था कि उनके कार्यकर्ता ही यह तय करेंगे कि उन्हें किस पार्टी के साथ जाना चाहिए।
नासिक के इस चुनाव परिणाम ने यह साबित कर दिया है कि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं की पकड़ और मतदाताओं का मूड बड़े-बड़े दिग्गजों के गणित को बिगाड़ सकता है। अब देखना यह होगा कि मुंबई पहुंचने के बाद गोकुल गीते का अगला कदम क्या होता है और वह 'शिंदे सेना' के साथ अपने नए सफर की शुरुआत करते हैं या अपनी 'निर्दलीय' पहचान बनाए रखते हैं। फिलहाल, पूरा नासिक और मुंबई का राजनीतिक गलियारा उनके अगले ऐलान का इंतजार कर रहा है।