Nashik International Engineering Conference ( सोर्स: सोशल मीडिया )
Nashik International Engineering Conference: नासिक सूचना प्रौद्योगिकी और इंजीनियरिंग के क्षेत्र में हो रहे नित नए बदलावों को एक मंच पर लाने के लिए एमईटी भुजबल नॉलेज सिटी ने कमर कस ली है।
आगामी 13 मार्च से शुरू होने वाली इस तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय परिषद ने उद्घाटन से पहले ही अपनी व्यापकता से सबको चौंका दिया है। इस सम्मेलन को केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि तकनीकी आदान-प्रदान का एक वैश्चिक केंद्र माना जा रहा है।
तीन दिनों के भीतर 23 सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें प्रत्येक सत्र में इंजीनियरिंग की जटिलताओं और भविष्य की चुनौतियों पर शोधार्थी अपनी बात रखेंगे, पूरे सम्मेलन को 7 श्रेणियों में बांटा गया है।
इसमें सिविल, मैकेनिकल, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिकल और एआई जैसे आधुनिक इंजीनियरिंग क्षेत्रों पर अलग-अलग चचर्चा होगी। इस आयोजन की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसके लिए देश और विदेश से 700 से अधिक रिसर्च पेपर्स प्राप्त हुए हैं, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ का चयन प्रस्तुतीकरण के लिए किया गया है।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में शिक्षा जगत के दिग्गज अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे, मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. एस.जी. भिरुड (कुलपति, सीओईपी टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, पुणे) और डॉ. रजनीकांत अलुवालू (निदेशक, सिम्बायोसिस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, हैदराबाद)।
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देश के विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों और उद्योग जगत के 23 अनुभवी सत्र अध्यक्ष इन शोध पत्रों का मूल्यांकन और मार्गदर्शन करेंगे, इस परिषद का समन्वय डॉ. विजय मोरे और डॉ. वैभव दाभाडे द्वारा किया गया है, जबकि प्राचार्य डॉ. विजय वाणी और डॉ. प्रशांत यावलकर ने इसकी पूरी रूपरेखा तैयार की है।
संस्थान की मार्गदर्शिका डॉ. शेफाली भुजबल के अनुसार, इस तरह के आयोजनों से छात्रों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर की तकनीकों को समझने और अपनी नवीन अवधारणाओं को दुनिया के सामने रखने का एक बड़ा मंच मिलता है।