मुंबई में लॉटरी से तय होगा नासिक का महापौर, एससी आरक्षण की संभावना; राजनीतिक हलचल तेज
Municipal Politics: महाराष्ट्र की 29 मनपाओं के महापौर पद का आरक्षण गुरुवार को मुंबई में तय होगा। नासिक में भाजपा बहुमत में है, लेकिन आरक्षण लॉटरी तय करेगी अगला महापौर कौन बनेगा।
- Written By: अंकिता पटेल
प्रतीकात्मक तस्वीर ( सोर्स : सोशल मीडिया )
Nashik Mayor Reservation Lottery: नासिक महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के महापौर पद के लिए गुरुवार, 22 जनवरी को मुंबई के मंत्रालय में आरक्षण की लॉटरी निकाली जा रही है। इस प्रक्रिया पर राज्य भर के राजनीतिक गलियारों, विशेष रूप से नासिक के नवनिर्वाचित नगरसेवकों की नजरें टिकी हैं।
नासिक में भाजपा ने 72 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत प्राप्त किया है, लेकिन महापौर पद का आरक्षण यह तय करेगा कि भाजपा का कौन सा चेहरा इस प्रतिष्ठित कुर्सी पर बैठेगा।
आरक्षण का गणित और संभावित समीकरण
जानकारों के अनुसार, नासिक में चक्रानुक्रम पद्धति के आधार पर आरक्षण का निर्णय लिया जाएगा। यदि रोटेशन का पालन सख्ती से होता है, तो नाशिक का 17वां महापौर पद अनुसूचित जाति (एससी) के लिए आरक्षित होने की संभावना भी जताई जा रही है।
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यदि अन्य मनपा में अनुसूचित जाति का कोटा पूरा हो जाता है, तो नाशिक का पद सामान्य या ओबीसी वर्ग के लिए खुल सकता है, सामान्य वर्ग के लिए पद खुलने की स्थिति में भाजपा के भीतर कई वरिष्ठ नगरसेवक दावेदारी पेश करने की तैयारी में हैं।
स्थायी समिति पर भाजपा का दबदबा
महापौर के साथ-साथ मनपा की तिजोरी यानी स्थायी समिति पर भी भाजपा का कब्जा तय माना जा रहा है। 122 सदस्यीय सदन में भाजपा के पास 72 नगरसेवक हैं, जिससे स्थायी समिति के 16 सदस्यों में से भाजपा को 10 सीटें मिलना तय है।
मुंबई के बदले नासिक की मांग ?
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मुंबई (बीएमसी) में सत्ता के समीकरणों को सुलझाने के लिए ‘शिंदे सेना’ नासिक में बड़ी हिस्सेदारी मांग सकती है। आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की भव्यता और इसके आयोजन को देखते हुए उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे का गुट नासिक की सत्ता में सक्रिय भागीदारी चाहता है. हालांकि, भाजपा के पास बहुमत होने के कारण यह ‘डील’ आसान नहीं होगी,
समिति का संभावित बंटवाराः भाजपा: 10 नगरसेवक
शिवसेना-शिंदे गुटः 03 नगरसेवक
शिवसेना-उबाठाः 02 नगरसेवक
राकांपा-अजित पवार गुटः 01 नगरसेवक कांग्रेस और अन्य कांग्रेस (03 नगरसेवक) और अन्य छोटे दलों के पास पर्याप्त संख्या बल न होने के कारण उन्हें समिति में प्रतिनिधित्व मिलने की संभावना कम है।
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कुंभ मेले का आकर्षण
नासिक नगर निगम के लिए यह कार्यकाल ऐतिहासिक होने वाला है क्योंकि 2027 में सिंहस्थ कुंभ मेले का आयोजन होना है। अरबों रुपये के विकास कार्यों और अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन की कमान जिस भी महापौर के हाथ में होगी, उसका राजनीतिक कद काफी बढ़ जाएगा, यही वजह है कि महायुति के घटक दलों के बीच नासिक की सत्ता को लेकर खींचतान देखी जा रही है।
