Akola News: अकोला में GIS सर्वे से 12,958 नई संपत्तियां मिलीं, बढ़ेगा मनपा का राजस्व
Akola GIS Survey: अकोला महानगरपालिका के GIS आधारित डिजिटल संपत्ति सर्वे में 12,958 नई संपत्तियों की पहचान हुई है। सर्वे के बाद संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन कर नया संपत्ति कर निर्धारण किया जाएगा।
- Written By: आंचल लोखंडे
अकोला मनपा- फाइल फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
Akola Municipal Corporation: अकोला महानगरपालिका के संपत्ति कर विभाग के लिए चलाया जा रहा जीआईएस (जियोग्राफिक इन्फॉर्मेशन सिस्टम) आधारित डिजिटल संपत्ति सर्वेक्षण अब राजस्व वृद्धि का बड़ा आधार बनने जा रहा है। सर्वेक्षण के दौरान शहर में 12,958 नई संपत्तियां सामने आई हैं, जबकि बड़ी संख्या में ऐसी संपत्तियों की भी पहचान हुई है, जिनमें निर्माण विस्तार, उपयोग में बदलाव अथवा अन्य परिवर्तन हुए हैं।
सर्वे के पूरा होने के बाद मनपा संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन कर नई कर निर्धारण प्रक्रिया शुरू करेगी, जिससे वर्षों से टैक्स नहीं भरने वालों पर अंकुश लगने के साथ मनपा की आय में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। मनपा की ओर से अमरावती की एक निजी एजेंसी के माध्यम से कराए जा रहे इस सर्वेक्षण के तहत अब तक शहर की 1 लाख 80 हजार 421 संपत्तियों का डिजिटल सर्वे पूरा किया जा चुका है, जबकि 19,860 संपत्तियों का सर्वेक्षण अभी शेष है।
टैक्स वसूली होगी पारदर्शी
सर्वेक्षण में यह सामने आया कि मनपा के संपत्ति कर विभाग के पुराने अभिलेख और शहर की वास्तविक स्थिति में काफी अंतर है। दरअसल, पिछले कुछ वर्षों में शहर में बड़ी संख्या में नई इमारतों का निर्माण हुआ है। इसके अलावा कई संपत्तियों में अतिरिक्त निर्माण किया गया, अनेक आवासीय भवनों का व्यावसायिक उपयोग शुरू हो गया तथा कई संपत्तियां अब तक कर विभाग के रिकॉर्ड में दर्ज ही नहीं थीं। इसके कारण मनपा को प्रति वर्ष करोड़ों रुपये के संभावित राजस्व से वंचित रहना पड़ रहा था।
सम्बंधित ख़बरें
अभिजीत दीपके के परिवार से मिलना शिंदे के नेताओं को पड़ा महंगा, BJP ने की कार्रवाई की मांग
प्रशासन को किस बड़े हादसे का इंतजार? कामठी रोड पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और खुलेआम शराबखोरी से दहशत
अकोला में 14,122 मीट्रिक टन यूरिया की आपूर्ति पूरी, बारिश के बाद संभली खेती पर बढ़ी लागत से किसान चिंतित
गोवंडी में अवैध निर्माण के नाम पर रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार! 1 लाख रुपये लेते पुलिस ने पकड़ा
अंतिम रिपोर्ट के बाद पुनर्मूल्यांकन
मनपा प्रशासन के अनुसार जीआईएस सर्वेक्षण की अंतिम रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद प्रत्येक संपत्ति का सत्यापन किया जाएगा। इसके आधार पर नई संपत्तियों का कर अभिलेख तैयार किया जाएगा तथा जिन संपत्तियों में निर्माण अथवा उपयोग में परिवर्तन हुआ है, उनके अनुसार नया कर निर्धारण किया जाएगा। इससे संपत्ति कर प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी।
ये भी पढे़: वर्धा के 153 जिला परिषद स्कूल भवन खतरनाक घोषित, शासन को भेजे जाएंगे नए निर्माण के प्रस्ताव
बढ़ेगा मनपा का राजस्व
सर्वेक्षण से शहर की प्रत्येक संपत्ति का सटीक रिकॉर्ड तैयार किया जा रहा है। नई और परिवर्तित संपत्तियों की जानकारी उपलब्ध होने से टैक्स न भरने वालों पर प्रभावी अंकुश लगेगा तथा संपत्ति कर विभाग की आय में बढ़ोतरी होगी। मनपा का मानना है कि डिजिटल सर्वे के माध्यम से भविष्य में कर वसूली अधिक व्यवस्थित, पारदर्शी और सटीक होगी, जिससे शहर के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त राजस्व उपलब्ध हो सकेगा।
