खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे होंगे गिरफ्तार! अपार्टमेंट धोखाधड़ी मामले में कोर्ट ने सुनाई 2 साल की सजा

Manikrao Kokate News: नासिक जिला सत्र न्यायालय ने अपार्टमेंट घोटाले में राज्य के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे को दो साल की सजा सुनाई है। मुख्यमंत्री कोटे के तहत फ्लैट लेने का मामला 1997 से लंबित था।
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महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे (सोर्स: सोशल मीडिया)
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Manikrao Kokate Sentenced: महाराष्ट्र के खेल मंत्री माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ गई हैं। नासिक जिला और सत्र न्यायालय ने मंगलवार (16 जून) को अपार्टमेंट घोटाले में दो साल की कड़ी कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट ने सजा को तुरंत लागू करने का आदेश दिया है, जिसके बाद कोकाटे भाइयों की गिरफ्तारी किसी भी समय हो सकती है।

कोर्ट ने अपने फैसले में मंत्री कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे को दो साल की कड़ी कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सज़ा दी। जिला और सत्र न्यायाधीश पी.एम. बदर ने अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रूपाली नरवाडिया को सज़ा तुरंत लागू करने का आदेश दिया है।

इस सजा के लागू होने के बाद कोर्ट किसी भी समय आरोपी माणिकराव कोकाटे और उनके भाई विजय कोकाटे के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर सकता है। सत्र न्यायालय ने यह फैसला सुनाते हुए अपार्टमेंट घोटाले में नरवाडिया की अदालत द्वारा दिए गए पहले के फैसले को बरकरार रखा है। आखिरकार इस अपार्टमेंट घोटाले में कोकाटे भाइयों को सजा मिल ही गई।

क्या है मुख्यमंत्री कोटे का अपार्टमेंट घोटाला?

कोकाटे भाइयों पर यह आरोप था कि उन्होंने मुख्यमंत्री की विवेकाधीन योजना के तहत आरक्षित दस प्रतिशत कोटे का उपयोग किया। आरोप के अनुसार, उन्होंने इस कोटे के तहत जाली दस्तावेजों का इस्तेमाल करके धोखाधड़ी से चार अपार्टमेंट हासिल किए। ये अपार्टमेंट नासिक शहर में कनाडा कॉर्नर जैसी प्राइम लोकेशन पर स्थित हैं।

यह पूरा मामला 1995 से जुड़ा है, जब माणिकराव कोकाटे पर मुख्यमंत्री कोटे के तहत सब्सिडी वाली दरों पर अपार्टमेंट पाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर करने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगा था।

1997 से चल रहा था मामला

इस मामले में पूर्व मंत्री तुकाराम दिघोले ने एक याचिका दायर की थी। नासिक के सरकार वाडा पुलिस स्टेशन में इस संबंध में एक मामला दर्ज किया गया था। यह मामला पिछले कई वर्षों से, यानी 1997 से चल रहा है। इस मामले में कुल चार आरोपी थे, जिनमें माणिकराव कोकाटे, उनके भाई और दो अन्य शामिल थे। अब जाकर कोर्ट ने इस मामले में अपना अंतिम फैसला सुनाया है।

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