टिपू सुल्तान फोटो प्रकरण हाईकोर्ट पहुंचा, उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद की याचिका, 16 सितंबर को सुनवाई

Tipu Sultan Photo Controversy: मालेगांव मनपा उपमहापौर कार्यालय में लगाए गए टिपू सुल्तान के छायाचित्र को हटाने के पत्र के खिलाफ उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है।
malegaon tipu sultan photo dispute high court hearing
टिपू सुल्तान फोटो विवाद(सोर्सः सोशल मीडिया)
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Malegaon High Court Case: मालेगांव मनपा के उपमहापौर कार्यालय में लगाए गए टिपू सुल्तान के छायाचित्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब बॉम्बे हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। इस मामले में मनपा की उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर प्रशासन द्वारा छायाचित्र हटाने के संबंध में जारी पत्र को चुनौती दी है।

याचिका पर 16 सितंबर को मुख्य न्यायाधीश के समक्ष सुनवाई होने वाली है। इसके चलते मालेगांव के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर इस सुनवाई पर टिकी हुई है। उपमहापौर कार्यालय में टिपू सुल्तान का छायाचित्र लगाए जाने के बाद इस मुद्दे को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था।

विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप

विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से आरोप-प्रत्यारोप किए गए। साथ ही छायाचित्र हटाने की मांग को लेकर आंदोलन और प्रदर्शन भी किए गए थे। इस कारण यह मामला महानगरपालिका की राजनीति में चर्चा का प्रमुख विषय बन गया था। इसी बीच मामले ने अब कानूनी रूप ले लिया है। पुलिस प्रशासन तथा महानगरपालिका के नगरसचिव की ओर से छायाचित्र हटाने के संबंध में जारी किए गए पत्र को उपमहापौर शान-ए-हिंद निहाल अहमद ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

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न्यायालय के समक्ष रखा जाएगा पक्ष

इस संबंध में दायर याचिका में मामले की वास्तविक स्थिति, कानूनी प्रावधानों और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर न्यायालय के समक्ष पक्ष रखा जाएगा। इसकी जानकारी समाजवादी पार्टी के गुटनेता मुस्तकीम डिग्निटी ने दी। याचिकाकर्ता की ओर से दावा किया गया है कि टिपू सुल्तान का उल्लेख और उनका छायाचित्र संविधान से संबंधित आधिकारिक संदर्भों में भी मिलता है। ऐसे में एक ऐतिहासिक व्यक्तित्व के रूप में उनका छायाचित्र कार्यालय में लगाने पर आपत्ति क्यों है, तथा उन्हें महापुरुष नहीं माना जाता है क्या, इस तरह के सवाल भी याचिका के माध्यम से उठाए गए हैं।

16 सितंबर की सुनवाई पर नजर

छायाचित्र को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सीधे हाईकोर्ट तक पहुंचने के कारण 16 सितंबर को होने वाली सुनवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। याचिका पर न्यायालय क्या रुख अपनाता है और प्रशासन द्वारा जारी पत्र के संबंध में क्या निर्देश दिए जाते हैं, इस पर मालेगांव के राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजर लगी हुई है।

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