

Nashik Development Works: स्कूली शिक्षा मंत्री दादाजी भुसे के निर्देशानुसार, नासिक के जिलाधिकारी एवं जिला खनिज प्रतिष्ठान के अध्यक्ष आयुष प्रसाद ने मालेगांव तालुका में विभिन्न सार्वजनिक विकास कार्यों को प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।
प्रधानमंत्री खनिज क्षेत्र कल्याण योजना के तहत प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से खनन प्रभावित क्षेत्रों में शैक्षणिक और भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिए कुल 50 लाख रुपए का कोष मंजूर किया गया है। इस स्वीकृत निधि से मालेगांव तालुका में कुल 19 विकास कार्य किए जाएंगे।
इसके तहत 18 जिला परिषद प्राथमिक विद्यालयों में पेयजल सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रति स्कूल 1 लाख रुपये आवंटित किए गए हैं। जिन विद्यालयों को पेयजल सुविधा मिलेगी, उनमें आघार खुर्द (बंधारपाडा), काष्टी, घाणेगांव, टिंगरी, वाके (डोंगराले), निलगव्हाण, पांढरुण, रावलगांव, वडेल, सौंदाने, आघार खुर्द, अंजन, वडेल (उंबरेश्वर), कंदाने, लेंडाने, गुगलवाड, मोहपाडा और टिपे की जिला परिषद प्राथमिक शालाएं शामिल हैं। ये सभी निर्माण कार्य सार्वजनिक निर्माण विभाग, मालेगांव द्वारा पूरे किए जाएंगे।
शैक्षणिक सुविधाओं के साथ-साथ भौतिक बुनियादी ढांचे के विकास के अंतर्गत सोयगांव सब-स्टेशन से फौजदारवाड़ी (ग्रामा-235) सड़क के कंक्रीटकरण कार्य के लिए 32 लाख रुपए की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है। यह निर्माण कार्य जिला परिषद नासिक के कार्यकारी अभियंता (इकाई-2) के माध्यम से पूरा किया जाएगा।
जिलाधिकारी आयुष प्रसाद ने जिले के सभी खदान धारकों और गौण खनिज उत्खननकर्ताओं से अपील की है कि वे अपनी देय स्वामित्व राशि (रॉयल्टी) समय पर और पारदर्शी तरीके से जमा कराएं। खदान मालिकों से एकत्र होने वाली रॉयल्टी से ही खनन प्रभावित क्षेत्रों के स्कूलों में पेयजल, ग्रामीण सड़कों के कंक्रीटकरण और अन्य जनकल्याणकारी विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाना संभव होता है। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि सभी पट्टाधारक नियमित रूप से रॉयल्टी जमा करें, नियमों का कड़ाई से पालन करें तथा ई-निविदा प्रक्रिया एवं ऑनलाइन दिशा-निर्देशों के अनुसार अपनी कार्यप्रणाली संचालित करें।