मालेगांव में 35 सीटों वाली इस्लाम पार्टी का मेयर पक्का? महिला आरक्षण के बाद नसरीन शेख का नाम सबसे आगे
Malegaon Mayor News: मालेगांव महानगरपालिका का महापौर पद सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुआ है। सबसे बड़े दल इस्लाम पार्टी की नसरीन शेख का मेयर बनना तय माना जा रहा है।
- Written By: आकाश मसने
इस्लाम पार्टी की पार्षद नसरीन शेख (सोर्स: सोशल मीडिया)
Malegaon Mayor Race: महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के महापौर पदों के लिए गुरुवार 22 जनवरी को निकाली गई आरक्षण लॉटरी में नासिक जिले की मालेगांव महानगरपालिका का महापौर पद सामान्य महिला वर्ग के लिए आरक्षित घोषित हुआ। इसके साथ ही महानगरपालिका में सबसे बड़े दल के रूप में उभरी इस्लाम पार्टी का महापौर बनना लगभग निश्चित माना जा रहा है।
महापौर पद के लिए इस्लाम पार्टी की प्रभाग क्रमांक 20-बी की नगरसेविका नसरीन शेख खालिद हाजी का नाम सबसे आगे चल रहा है। महापौर पद महिला के लिए आरक्षित होने के कारण सदन की कार्रवाई सुचारु रूप से संचालित करने के उद्देश्य से उपमहापौर पद पर समाजवादी पार्टी की नेता शानेहिंद निहाल अहमद की नियुक्ति की प्रबल संभावना जताई जा रही है।
मालेगांव में इस्लाम पार्टी सबसे बड़ा दल
मालेगांव महानगरपालिका चुनाव के बाद मतगणना के पश्चात त्रिशंकु स्थिति उत्पन्न हुई थी। किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं हुआ था लेकिन इस्लाम पार्टी की 35 और समाजवादी पार्टी की 5 सीटों को मिलाकर गठित मालेगांव सेक्युलर फ्रंट के पास कुल 40 सीटें थीं। बहुमत के लिए आवश्यक 43 सीटों का आंकड़ा जुटाना फ्रंट के लिए कठिन नहीं माना जा रहा था, फिर भी सत्ता गठन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गईं।
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मालेगांव सेक्युलर फ्रंट ने यह दावा करते हुए कि मतदाताओं का जनादेश उनके पक्ष में है, विपक्षी दलों सहित शहर के अन्य राजनीतिक दलों से बिना शर्त समर्थन की अपील की। इससे एमआईएम की स्थिति असहज हो गई।
वहीं शिवसेना के नेता व मंत्री दादा भुसे ने इस विषय पर अंतिम निर्णय पार्टी प्रमुख एकनाथ शिंदे द्वारा लिए जाने की बात कहकर समय साधा। इन घटनाक्रमों से यह स्पष्ट हुआ कि फ्रंट को आवश्यक संख्याबल जुटाने में अधिक प्रयास नहीं करने पड़ेंगे।
कांग्रेस दे सकती है सेक्युलर फ्रंट को समर्थन
इसी बीच 3 सीटें जीतने वाली कांग्रेस ने सत्ता पद महत्वपूर्ण देने पर समर्थन देने के संकेत दिए, जिससे फ्रंट के लिए सत्ता का मार्ग और अधिक सुगम हो गया। महानगरपालिका की आर्थिक स्थिति को देखते हुए विकास कार्यों के लिए सभी दलों की सत्ता में सहभागिता की इच्छा भी इन घटनाओं से उजागर हुई है। आरक्षण की घोषणा के बाद महापौर पद के उम्मीदवार को अंतिम रूप देने और आगे की रणनीति तय करने के लिए राजनीतिक हलचल तेज हो गई है।
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क्या है मालेगांव का सियासी गणित?
मालेगांव महानगरपालिका में 21 प्रभागों के अंतर्गत कुल 84 सीटें हैं और बहुमत के लिए 43 सीटों की आवश्यकता होती है। सबसे अधिक सीटें प्राप्त करने वाले मालेगांव सेक्युलर फ्रंट के नगरसेवक इससे पूर्व ही पर्यटन यात्रा पर रवाना हो चुके हैं। उल्लेखनीय है कि चुनाव से पूर्व अंतिम दिन इस्लाम पार्टी की एक सीट निर्विरोध घोषित हो गई थी, जिससे पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा था। यही उत्साह चुनाव परिणामों में भी परिलक्षित हुआ। इस्लाम पार्टी ने सर्वाधिक 35 सीटें जीतीं, एमआईएम को 21, शिवसेना को 18, समाजवादी पार्टी को 5, कांग्रेस को 3 और भाजपा को मात्र 2 सीटों पर संतोष करना पड़ा।
इस्लाम पार्टी की नसरीन शेख का नम सबसे आगे
आरक्षण तय होने के बाद महापौर पद के लिए इस्लाम पार्टी के नेता एवं पूर्व विधायक आसिफ शेख की भाभी नसरीन शेख खालिद हाजी का नाम प्रमुखता से सामने आया है। पूर्व महापौर ताहेरा शेख रशीद के नाम की चर्चा संभव है, लेकिन वे पहले ही दो बार महापौर पद का कार्यकाल पूरा कर चुकी हैं, इसलिए उन्हें पुनः अवसर मिलने की संभावना कम मानी जा रही है। नसरीन शेख, आसिफ शेख के भाई खालिद शेख हाजी की पत्नी हैं। वहीं उपमहापौर पद के लिए समाजवादी पार्टी की अध्यक्ष शानेहिंद निहाल अहमद का नाम सबसे आगे चल रहा है।
