पानी के लिए तरस रहा भडगांव, अमृत योजना के बाद भी नहीं सुधरी जलापूर्ति व्यवस्था
Bhadgaon Water Crisis: 133 करोड़ की अमृत योजना के बावजूद भडगांव में पानी का गंभीर संकट है। नागरिकों को 7–8 दिन में एक बार पानी मिल रहा है, जबकि गिरणा नदी में अवैध रेत खनन से जलस्तर गिर रहा है।
- Written By: अंकिता पटेल
Urban Water Supply Issue( Source: Social Media )
Urban Water Supply Issue: हैरानी की बात है कि 133 करोड़ रुपए की ‘अमृत योजना’ मंजूर होने के बावजूद भडगांव के नागरिक बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। शहर में जल वितरण की स्थिति इतनी दयनीय है कि लोगों को 7 से 8 दिन में केवल एक बार पानी की सप्लाई मिल रही है।
नगर परिषद की इस भारी लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। गिरणा पर रेत माफिया का ‘खेल’ शहर की जीवनरेखा मानी जाने वाली गिरणा नदी सूखने की कगार पर है।
जल संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने के बजाय, प्रशासन ने यहां हो रहे अवैध रेत खनन पर आंखें मूंद रखी हैं। रेत माफिया द्वारा किए गए गहरे गड्डों के कारण नदी में पानी रुक नहीं पा रहा है, जिससे भूजल स्तर तेजी से नीचे गिर रहा है।
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महिलाएं पानी की तलाश में मीलों भटकने को मजबूर
भडगाव की महिलाएं पानी की तलाश में मीली भटकने को मजबूर हैं। नागरिकों का सीचा सवाल है कि अमृत योजना’ के करोड़ों रुपए आखिर कहां खर्च हुए? लोगों ने अब मांग तेज कर दी है कि अवैध खनन पर तुरंत रोक लगाई जाए और नदी में बंधारे बनाकर पानी रोका जाए, यदि प्रशारत्न जल्द नहीं जागा, तो भडगांव में बड़ा जनआंदोलन खड़ा हो सकता है।
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मार्च में ही मचा हाहाकार
- अभी मार्च का महीना ही चल रहा है और शहर में पानी के लिए मारामारी शुरू हो गई है।
- आने वाले अप्रैल और मई के महीनों में स्थिति और भी विस्फोटक होने की आशंका है।
- पुराने कुएं और बोरवेल सूख चुके हैं, लेकिन बढ़ती आबादी के अनुपात में नपा ने नए जलस्रोत विकसित करने की कोई जाहमत नहीं उठाई
