भिवंडी-रायगढ़ में अवैध खनन पर सरकार सख्त, 5 साल की अनुमतियों की होगी जांच

Bhiwandi Raigad Mining Investigation: भिवंडी, रायगढ़ और पालघर में अवैध खनन पर सरकार ने सख्ती दिखाई है। चंद्रशेखर बावनकुले ने 5 वर्षों की अनुमतियों की जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया।
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Chandrashekhar Bawankule (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Illegal Mining Action Review: राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया कि भिवंडी परिसर सहित रायगढ़ और पालघर जिलों में चल रहे अवैध खनिज उत्खनन और तस्करी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

आगामी 3 महीनों में पिछले 5 वर्षों में दी गई अनुमतियों की जांच की जाएगी और अनियमितता पाए जाने पर संबंधितों पर जुर्माना, ब्याज और आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे।

विधानसभा सदस्य सुनील प्रभु ने भिवंडी और आसपास के क्षेत्रों में अवैध खनन और तस्करी से सरकारी राजस्व के बड़े पैमाने पर हो रहे नुकसान को लेकर तत्काल जांच और कार्रवाई की मांग करते हुए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया।

इस चर्चा में विधायक दिलीप लांडे, राजू खरे और नाना पटोले ने भी भाग लिया। जवाब में राजस्व मंत्री ने बताया कि अवैध खनन और स्टोन क्रशर परियोजनाओं पर तुरंत रोक लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। संबंधित स्थानों पर मामले दर्ज करने, जुर्माना वसूलने और अवैध सामग्री जब्त करने के आदेश जारी किए गए हैं।

कई स्थानों पर खनन के लिए आवश्यक खनन पट्टा, पर्यावरण अनुमति, विस्फोटक उपयोग लाइसेंस और ग्राम पंचायत का ना हरकत प्रमाणपत्र जैसे नियमों का पालन नहीं किया जा रहा है। इसलिए जीपीएस और मैपिंग के माध्यम से सटीक जानकारी एकत्र कर अवैध उत्खनन का संपूर्ण आकलन किया जाएगा।

आधुनिक तकनीक से किया जाएगा सर्वेक्षण

राज्य में खनिज उत्खनन की सही स्थिति जानने के लिए जीपीएस और गूगल मैपिंग के माध्यम से सर्वेक्षण किया जाएगा। पिछले 5 वर्षों में अनुमतियां देते समय हुई अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी। मंत्री बावनकुले ने स्पष्ट किया कि अनुमति वाली परियोजनाओं को बाधित किए बिना अवैध उत्खनन को पूरी तरह से बंद कर दिया जाएगा। यदि इन मामलों में कोई अधिकारी शामिल पाया जाता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

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