महाराष्ट्र के प्याज निर्यात में ऐतिहासिक उछाल: 10 लाख टन का आंकड़ा पार, किसानों को बड़ी राहत की उम्मीद

Nashik Onion Market News: महाराष्ट्र के प्याज निर्यात में ऐतिहासिक उछाल! 10.59 लाख टन का आंकड़ा पार कर ₹2406 करोड़ की विदेशी मुद्रा कमाई। नासिक का दबदबा और निर्यात नीति में बदलाव की पूरी रिपोर्ट।
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सांकेतिक फोटो (सोर्सः सोशल मीडिया)
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Maharashtra Onion Export Record Growth: महाराष्ट्र के कृषि क्षेत्र, विशेषकर प्याज उत्पादकों के लिए एक अत्यंत उत्साहजनक खबर सामने आई है। केंद्र सरकार द्वारा प्याज निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों में ढील देने के बाद, वित्तीय वर्ष 2025-26 में राज्य के प्याज निर्यात में जबरदस्त वृद्धि दर्ज की गई है। प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, महाराष्ट्र का प्याज निर्यात पिछले वर्ष के लगभग पांच लाख टन से दोगुना होकर अब 10.59 लाख टन के रिकॉर्ड आंकड़े को पार कर गया है।

नीतिगत बदलाव और आर्थिक प्रभाव

निर्यात में इस भारी उछाल का मुख्य श्रेय केंद्र सरकार के उन फैसलों को जाता है, जिसमें निर्यात शुल्क में कटौती की गई और न्यूनतम निर्यात मूल्य (MEP) की शर्त को हटा लिया गया। इन नीतिगत बदलावों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय प्याज की मांग में भारी तेजी आई है। इस निर्यात वृद्धि के परिणामस्वरूप महाराष्ट्र ने 2406 करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा अर्जित की है, जो पिछले वित्तीय वर्ष के 1742 करोड़ रुपये के मुकाबले काफी अधिक है।

महाराष्ट्र और नाशिक का वैश्विक दबदबा

भारत के कुल प्याज निर्यात परिदृश्य में महाराष्ट्र का एकछत्र वर्चस्व कायम है। आंकड़ों के अनुसार, देश के कुल प्याज निर्यात में अकेले महाराष्ट्र की हिस्सेदारी 68 प्रतिशत है। राज्य के भीतर भी नासिक जिला निर्यात का सबसे बड़ा केंद्र बना हुआ है, जिसका योगदान 80 से 90 प्रतिशत तक दर्ज किया गया है।

किसानों के लिए समर्थन और चुनौतियां

राज्य के मंत्री दादा भुसे ने नासिक में विश्वास जताते हुए कहा कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्वीकार किया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि के कारण प्याज की कीमतों में आई गिरावट से किसानों को काफी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। इस स्थिति से निपटने के लिए, सरकार ने नाफेड (NAFED) और एनसीसीएफ (NCCF) के माध्यम से सीधे किसानों से प्याज खरीदने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई हालिया बैठक के बाद यह उम्मीद जगी है कि इस सीधी खरीद से किसानों को उनकी उपज का बेहतर और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।

निर्यात बाजार में बदलाव

रिपोर्ट में अंतरराष्ट्रीय बाजार के बदलते समीकरणों का भी उल्लेख है। एक समय में भारतीय प्याज का बड़ा खरीदार रहा बांग्लादेश, अब अपनी हिस्सेदारी में भारी गिरावट देख रहा है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में जहाँ बांग्लादेश की हिस्सेदारी 42 प्रतिशत थी, वह अब घटकर मात्र 6 प्रतिशत रह गई है। यह बदलाव अन्य अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय प्याज की बढ़ती पैठ को दर्शाता है।

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