नासिक म्हाडा जमीन घोटाला मामले में बढ़ी मुश्किलें, अदालत में लंबी सुनवाई; 45 संदिग्धों की बेल पर फैसला बाकी
Nashik MHADA Land Scam: नासिक के चर्चित म्हाडा जमीन घोटाला मामले में 45 से ज्यादा संदिग्धों को राहत नहीं मिली है। अदालत में लंबी सुनवाई के बाद फैसला टल गया, आरोपियों पर गिरफ्तारी का खतरा बना हुआ है।
- Written By: अंकिता पटेल
म्हाडा मुंबई( Source: Social Media )
Maharashtra Housing Scam: नासिक के बहुचर्चित म्हाडा जमीन घोटाला मामले में कानून का शिकंजा कस्ता जा रहा है। अग्रिम जमानत के लिए जिला एवं सत्र न्यायालय का दरवाजा खटखटाने वाले 45 से अधिक संदिग्धों को फिलहाल कोई राहत नहीं मिली है।
सोमवार को लंबी सुनवाई के बावजूद अदालत किसी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंच सकी, जिसके कारण अब इन सभी आरोपियों पर गिरफ्तारी का खतरा मंडरा रहा है।
मामले की गंभीरता और आरोपियों को बड़ी संख्या को देखते हुए न्यायालय ने सभी 45 आवेदनों पर संयुक्त सुनवाई करने का निर्णय लिया था। म्हाडा के आवासीय प्रकल्पों के लिए आरक्षित जमीनों के अवैध सौदों और धोखाधड़ी से जुड़े दस्तावेजों की जांच के लिए अदालत को अधिक समय की आवश्यकता है। अब अगली तारीख पर ही यह साफ हो पाएगा कि इन रसूखदार नामों को बेल मिलेगी या जेल।
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‘हैप्पी होम’ के सोनू मनवानी की पुलिस कस्टडी खत्म
इस घोटाले के मुख्य आरोपियों में से एक, ‘हैप्पी होम’ के संचालक सोनू मनवानी को सोमवार को पुलिस हिरासत की अवधि समाप्त होने पर अदालत में पेश किया गया।
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अभियोजन पक्ष द्वारा कस्टडी बढ़ाने की संभावनाओं के बीच, अदालत ने मनवानी को न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया है। म्हाडा भूखंडों के टुकडे कर कथित धोखाधड़ी करने के इस मामले में मनवानी की गिरफ्तारी ने कई अन्य बिल्डरों की नींद उड़ा दी है।
बिल्डर लॉबी में छाई अनिश्चितता
म्हाडा की आरक्षित जमीनी में हुई हेराफेरी और अनियमितता के इस बड़े खुलासे के बाद पुलिस की जांच की दिशा अब उन ‘सफेदपोश’ चेहरों की ओर मुड़ गई है, जिन्होंने इस घोटाले की पटकथा लिखी थी। सोमवार की सुनवाई पर पूरे जिले की नजरें टिकी थीं, लेकिन फैसला टलने से अब आरोपियों के पास भागने या छिपने के रास्ते कम होते जा रहे हैं।
