File Photo
नाशिकरोड: एकलहरे स्थित महानिर्मिती केंद्र (Mahanirmithi Kendra) की तीसरी यूनिट (Third Unit) को शुरू करने में मानव संसाधन की कमी का मुद्दा सामने आया है। महानिर्मिती (Mahanirmithi ) के अतिरिक्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने में असमर्थता दर्शाने से इस यूनिट का भविष्य अंधेरे में होने की स्थिति बनी हुई है। गर्मी बढ़ने से बिजली की मांग बढ़ रही है, जिसे पूर्ण करने के लिए एकलहरे की तीसरी यूनिट शुरू करने के आदेश महानिर्मिती प्रशासन ने दिए हैं, लेकिन मानव संसाधन की कमी के मुद्दे पर कामगार कृति समिति द्वारा आदेश को चुनौती देने से तीसरी यूनिट को ‘स्टैंड बाय मोड’ (Stand By) पर रख दिया गया है।
एकलहरे केंद्र में 5 बिजली निर्मिती यूनिट है। इसमें से एक और 2 यूनिट आयु पूर्ण होने के कारण बंद हो गई है। नया 660 मेगावॉट बिजली निर्मिती केंद्र नाशिक में शुरू करने का आश्वासन देने के बाद कुछ वर्ष पूर्व उसे बंद कर दिया था।
शेष यूनिट क्रमांक 3 से 5 में से 4 और 5 से बिजली का निर्माण हो रहा है। वर्तमान में राज्य में बिजली की मांग बढ़ रही है। इसके बाद महानिर्मिती ने बिजली निर्मिती यूनिट शुरू करने का निर्देश दिया। इसके बाद नाशिक के एकलहरे केंद्र की यूनिट क्रमांक 3 से बिजली निर्मिती करने के लिए स्थानीय प्रशासन ने तकनीकी तैयारी शुरू की थी। इस यूनिट के बॉयलर के लीकेज की दुरुस्ती करते हुए ट्रायल की गई, लेकिन प्रत्यक्ष में बिजली निर्मिती शुरू करने के बजाय वर्तमान में इसी यूनिट को ‘स्टैंड बाय मोड’ पर रख दिया गया है। इस पार्श्वभूमि पर भुसावल भेजे गए 97 मजदूरों को वापस बुलाने के बाद तीसरी यूनिट शुरू करने की मांग कृति समिति के सुरेश चौधरी, नारायण देवकते, राजेश काले, सुयश झुटे, नाना मोरे आदि प्रतिनिधियों ने प्रशासन से की है।
तीसरी यूनिट शुरू करने के लिए स्थानीय प्रशासन से यूनिट क्रमांक 4 और 5 के कुछ कर्मियों को हटाकर उन्हें यूनिट 3 की जिम्मेदारी देने का नियोजन किया गया है। इससे पहले से ही मानव संसाधन की कमी से जूझ रहे कर्मियों को अतिरिक्त कार्य के दबाव का सामना करना पड़ेगा। इसलिए कृति समिति ने इसका विरोध करते हुए पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए आंदोलन किया। परिणामस्वरूप प्रशासन का नियोजन असफल हो गया। एकलहरे में 3 यूनिट के लिए 1,055 मजदूर मंजूर हैं। प्रत्यक्ष में 682 मजदूरों के कार्यरत होने से 373 कर्मियों की कमी महसूस हो रही है।