जानवरों का टीकाकरण नहीं…नासिक में लम्पी वायरस का कहर, अब तक 7 पशुओं की मौत
Lumpy Disease: नाशिक जिले में लम्पी बीमारी का प्रकोप बढ़ा है। अब तक 7 जानवरों की मौत हुई है। 129 संक्रमित मिले हैं। पशुपालन विभाग ने टीकाकरण और जांच तेज कर दी है।
- Written By: अर्पित शुक्ला
लम्पी से जानवरों की मृत्यु (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nasik News: जिले में लम्पी बीमारी का प्रकोप बढ़ गया है। अब तक 7 जानवर मर चुके हैं। सिन्नर और निफाड सहित जिले में कुल 129 जानवरों में संक्रमण पाया गया है, जिसके बाद पशुपालन विभाग अलर्ट हो गया है। अहमदनगर और जलगांव जिलों में लम्पी का प्रकोप बढ़ने के बाद अब नाशिक जिले में भी यह बीमारी आ गई है। इसे नियंत्रित करने के लिए पशुपालन विभाग ने अब तक 6.40 लाख जानवरों का टीकाकरण किया है लेकिन, जिला पशुपालन अधिकारी डॉ. संजय शिंदे ने बताया कि जिन जानवरों का टीकाकरण नहीं हुआ है, उन्हें यह बीमारी लगी है। संक्रमित जानवरों में से सात की मौत हो गई है, जिनमें चार बछड़े और तीन बड़े जानवर शामिल हैं।
सुरगाणा की रिपोर्ट का इंतजार
पिछले हफ्ते, सुरगाणा के कुछ गाय-जाति के जानवरों में लम्पी चर्म रोग जैसे लक्षण देखे गए। इसके बाद, विभाग ने रतंगवीर गाँव का दौरा किया और फाणसपाड़ा के नागरिकों के गौशालाओं में संक्रमित जानवरों की जांच की। संबंधित जानवरों के नमूने एकत्र करके पुणे में एक मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार है।
तीन त्वरित कार्रवाई दल सक्रिय
पशुपालन विभाग ने एहतियात के तौर पर तालुकाओं में सभी पशुधन विकास अधिकारियों की छुट्टियाँ रद्द कर दी हैं और उनके नेतृत्व में तीन त्वरित कार्रवाई दल गठित किए हैं। ये टीमें गांवों का दौरा कर जांच, उपचार और टीकाकरण का काम कर रही हैं। सुरगाणा तहसील को आपात स्थिति में 2000 टीकों की तुरंत आपूर्ति की गई है और मांग के अनुसार अतिरिक्त टीके भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
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दुग्ध समितियों और निजी पशु चिकित्सकों के सहयोग से टीकाकरण और कीटनाशक छिड़काव का अभियान चल रहा है। जिला स्तर से पशु चिकित्सालयों और उपचार केंद्रों को पर्याप्त मात्रा में दवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।
