

Nashik Kumbh Mela Crowd Management: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले में करोड़ों की भीड़ के प्रभावी प्रबंधन के लिए नासिक शहर पुलिस ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फैसला लिया है। साधुग्राम में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस बार पहली बार स्वतंत्र पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) की नियुक्ति की जाएगी।
इसके साथ ही, वर्ष 2015 के कुंभ मेले में श्रद्धालुओं को जहां 15 से 20 किलोमीटर पैदल चलना पड़ा था, वहीं इस बार आंतरिक पार्किंग व्यवस्था के कारण यह दूरी (आने-जाने मिलाकर) महज 8 किलोमीटर तक सीमित कर दी गई है।
एक शाही स्नान (पर्वणी) पर लगभग 2 करोड़ और पूरे कुंभ मेले में करीब 8 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इस पृष्ठभूमि में पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक की उपस्थिति में हुई बैठक में सुरक्षा का नया मास्टर प्लान जारी किया गया।
शहर पुलिस ने कानून-व्यवस्था, यातायात एवं अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी मंगलवार को साझा की। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक, सिंहस्थ प्राधिकरण के आयुक्त शेखर सिंह, पुलिस उपायुक्त किरणकुमार चव्हाण, मोनिका राऊत, किशोर काले, चंद्रकांत गवली, सहायक आयुक्त संदीप मिटके, माधव रेड्डी सहित अपराध शाखा एवं विभिन्न थानों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
रामकुंड और गोदावरी नदी का क्षेत्र संकरा होने के कारण किसी भी दुर्घटना से बचाव के लिए इस बार गोदावरी क्षेत्र में पहली बार वाटर बैरिकेडिंग तकनीक अपनाई जाएगी। साधुग्राम और यातायात प्रबंधन के लिए दो अलग-अलग उपायुक्त तैनात किए जाएंगे, जिनकी नियुक्तियां मार्च तक पूरी कर ली जाएंगी।
सुरक्षा व्यवस्था को दोगुना करते हुए कुल 35,255 पुलिसकर्मियों का दस्ता तैनात किया जाएगा। इसमे एटीएस, आरएएफ, बीडीडीएस, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की विशेष टुकड़ियां शामिल होगी। प्रत्यक्ष भीड़ नियंत्रण के लिए मैदान पर 27 उपायुक्त और 448 पुलिस निरीक्षक तैनात रहेंगे।
शटल बस सेवा: शहर में निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। बाहरी पार्किंग स्थलों से श्रद्धालुओं को स्नान घाटों के समीप तक पहुंचाने के लिए शटल बस सेवा उपलब्ध कराई जाएगी।
पैदल दूरीः आंतरिक वाहन पार्किंग से स्नान घाट तक श्रद्धालुओं को केवल 500 मीटर से 4.1 किमी (एक तरफ) ही पैदल चलना होगा।