

Kumbh 2027 Trimbakeshwar Bada Udasin Akhada Meeting: आगामी सिंहस्थ कुंभ को लेकर जहां प्रशासन के द्वारा तैयारी शुरू हो गई है, वहीं पर पुरोहित संघ भी आगामी 31 अक्टूबर को धर्म ध्वजारोहण की तैयारी में लगा हुआ है। इसी बीच त्र्यंबकेश्वर के उदासीन परंपरा के सबसे बड़े पंचायती बड़ा उदासीन निर्वाण अखाड़े के भ्रमणशील मंडल जिसे साधु शाही की भाषा में जमात कहा जाता है, वह त्र्यंबकेश्वर अपने अखाड़े में पहुंच चुका है।
इस संबंध में बड़ा पंचायती उदासीन अखाड़ा के जमात महंत दुर्गादास महाराज ने नवभारत से विशेष बातचीत करते हुए बताया कि 30 सितंबर से 6 अक्टूबर तक देश के कोने-कोने से आए बड़ा उदासीन अखाड़े की संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले है। विभिन्न जगहों के महंत, सभी जगह के मुकामी महंत, कोठारी भंडारी इस महत्वपूर्ण बैठक में भाग लेने के लिए त्र्यंबकेश्वर पहुंच चुके हैं।
बैठक के प्रथम दिन 30 सितंबर को उदासीन परंपरा के सभी ब्रह्मलीन संतों- महंतों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और यही नहीं त्र्यंबकेश्वर मंदिर में सभी संतो- महंतों ने जाकर मत्था टेका और आगामी कुंभ को दिव्य और भव्य बनाने के लिए भगवान शिव से प्रार्थना की।
उक्त जानकारी देते हुए जमाई केसरी महंत दुर्गा दास पुरी महाराज जी ने बताया कि महंत अड्डेतांआनंद, महंत राम मौनी दास, महंत सत मुनि के साथ संत निर्माण मंडल के साथ-साथ मुख्यालय प्रयागराज, हरिद्वार, बनारस, होशियारपुर, पंजाब, हरियाणा, हैदराबाद और वृंदावन के सभी संत मंडल एक हफ्ते की इस बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे, जिसमें आगामी सिंहस्थ कुंभ की दिव्य भव्य तैयारी के साथ-साथ बड़ा उदासीन अखाड़े में चल रहे विवाद और अखाड़े के संपत्तियों में गोलमाल घोटाला करने वालों के खिलाफ कौन सी कानूनी कार्रवाई की जाए जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी विचार विमर्श हो सकता है।
यहां पर यह बता दिया जाए कि इस समय पूरे देश भर में बड़ा उदासीन अखाड़े के अंदर चल रहे विवाद की चर्चा हो रही है। यह चर्चा इसी त्र्यंबकेश्वर के ही इसके पूर्व के मुकामी महंत रघु मुनि के निष्कासन से जुड़ी हुई है। बड़ा उदासीन त्र्यंबकेश्वर के अखाड़े की संपत्तियां जमीनों में घोटाला और गोलमाल करने के कारण रघु मुनि को निष्कासित कर दिया गया था।
उसके बाद से ही यह विवाद मीडिया में चर्चा का विषय बना हुआ है। जब अब यह कुंभ त्र्यंबकेश्वर मंदिर परिसर में ही लगने वाला है, तो एक बार फिर से यह मुद्दा गरम हो सकता है और इस बात की भी संभावना है कि महंत रघु मुनि को लेकर बड़ा उदासीन कोई बड़ा निर्णय ले सकता है।