

Nashik Tourism Project: पंचवटी और गोदावरी नदी के तट पर बसे इस ऐतिहासिक शहर के वैभव में अब एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। नासिक की पौराणिक और सांस्कृतिक विरासत को दुनिया के सामने और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के उद्देश्य से शहर में एक भव्य एवं विश्वस्तरीय 'रामायण थीम पार्क' का निर्माण किया जाएगा।
यह महत्वाकांक्षी परियोजना आडगांव स्थित सर्वे नंबर 772 में मनपा की आरक्षित भूमि पर आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले की पृष्ठभूमि में साकार की जाएगी। पूरा प्रोजेक्ट सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP - डिज़ाइन्स, बिल्ड, फाइनेंस, ऑपरेट एंड ट्रांसफर) के आधार पर लागू किया जाएगा। इससे नगर निगम के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना शहर को एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का पर्यटन केंद्र प्राप्त होगा।
सिंहस्थ कुंभ मेले के दृष्टिकोण से यह पहल एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी। हर साल नासिक आने वाले लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों को केवल कुछ घंटों के दर्शन तक सीमित न रखकर, उनके नासिक में ठहराव को बढ़ाना और पारिवारिक पर्यटन को बढ़ावा देना इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य है।
इस थीम पार्क में आधुनिक तकनीक का शानदार उपयोग किया जाएगा, जिससे रामायण के विभिन्न प्रसंगों-जैसे बालकांड, अयोध्याकांड, अरण्यकांड, सुंदरकांड और युद्धकांड-को पर्यटक प्रत्यक्ष रूप से महसूस कर सकेंगे। इसके लिए पार्क में 360-डिग्री इमर्सिव डोम, रॉयल एम्फीथिएटर, मोक्ष घाट, श्रीराम मंदिर की प्रतिकृति, लैंडस्केप आध्यात्मिक क्षेत्र (स्पिरिचुअल स्पेसेस) और फूड कोर्ट सहित अन्य विश्वस्तरीय पर्यटन सुविधाएं शामिल की जाएंगी।
पर्यटकों के मनोरंजन और सुविधा के लिए पार्क में खरीदारी के विशेष स्टोर भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस परियोजना से नासिक के होटल, ट्रैवल, परिवहन और स्थानीय व्यवसायों को भारी बढ़त मिलेगी। साथ ही, निर्माण कार्य के दौरान और पार्क शुरू होने के बाद सुरक्षा, हॉस्पिटैलिटी, रिटेल तथा सांस्कृतिक क्षेत्रों में हजारों प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होंगे।
महाराष्ट्र की पारंपरिक लोककला, हस्तशिल्प और खाद्य संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला यह प्रस्ताव वर्तमान में अंतिम स्वीकृति के लिए नासिक नगर निगम की महासभा के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।