सिंहस्थ कुंभ मेला: त्र्यंबकेश्वर से कसारा के बीच सीधे रेल मार्ग और तत्काल एसटी बस सेवा की उठी पुरजोर मांग

Trimbakeshwar Railway News: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले को देखते हुए त्र्यंबकेश्वर से कसारा के बीच घोटी मार्ग से सीधे रेल मार्ग और श्रद्धालुओं के लिए तुरंत सीधी एसटी बस सेवा शुरू करने की मांग की गई।
In view of the Simhastha Kumbh Mela, locals demanded a direct rail route via Ghoti and immediate ST bus services between Trimbakeshwar and Kasara for devotees.
त्र्यंबकेश्वर से कसारा रेल मार्ग (फोटो सोर्स-सोशल मीडिया)
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Trimbakeshwar Kasara Railway Station: आगामी सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए त्र्यंबकेश्वर से कसारा के बीच घोटी मार्ग से सीधा रेल मार्ग बनाने की मांग शिवभक्तों और स्थानीय नागरिकों द्वारा जोर-शोर से उठाई जा रही है। इसके साथ ही वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए तुरंत कसारा से त्र्यंबकेश्वर के बीच सीधी एसटी बस सेवा शुरू करने की भी पुरजोर मांग की जा रही है।

श्रद्धालुओं और जानकारों का कहना है कि कुंभ मेले के दृष्टिकोण से त्र्यंबकेश्वर मुख्य और सबसे महत्वपूर्ण स्थान है। इसके बावजूद, अपर्याप्त सुविधाओं के कारण मुंबई और अन्य क्षेत्रों से आने वाले तीर्थयात्री नाशिक रोड रेलवे स्टेशन पर उतरकर पहले नाशिक, पंचवटी और तपोवन चले जाते हैं। बाद में समय और पैसा बचने पर ही वे त्र्यंबकेश्वर का रुख करते हैं।

पर्यटन के खुल जाएंगे नए रास्ते

यदि यह सीधा रेल मार्ग बनता है, तो मुबई की ओर से आने वाले सभी श्रद्धालु सबसे पहले ज्योतिर्लिंग नगरी त्र्यंबकेश्वर पहुंचेंगे और उसके बाद नाशिक की और प्रस्थान करेंगे। कसारा से त्र्यंबकेश्वर के बीच सड़क मार्ग की दूरी लगभग 65 से 70 किलोमीटर है, जो पूरी तरह से घाट खंड (पहाड़ी इलाके) से होकर गुजरती है।

रेल मार्ग बनने से यह दूरी सुगम हो जाएगी और कुंभमेला क्षेत्र सीधे रेल नेटवर्क से जुड़ जाएगा। इस रेल परियोजना के शुरू होने से कसारा-त्र्यंबकेश्वर बेल्ट के ग्रामीण इलाकों में पर्यटन और विकास के नए रास्ते खुलेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

सिंहस्थ में बढ़ जाएगी श्रद्धालुओं की भीड़

रेलवे प्रोजेक्ट में समय लगने की बात को ध्यान में रखते हुए, भाविकों ने एसटी महामंडल से इस रूट पर तत्काल सीधी बसें चलाने का आग्रह किया है। मांग की गई है कि कसारा स्टेशन पर आने वाली लोकल और एक्सप्रेस ट्रेनों के समय को ध्यान में रखते हुए उसके समांतर एसटी बसे छोड़ी जाए। इससे त्र्यंबकेश्वर आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में भारी बढ़ोतरी होगी और यात्रियों को नाशिक होकर घूम कर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

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