त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में जल्द शुरू होगी महाप्रसाद योजना, श्रद्धालुओं को मिलेगा ‘मुटकुले का लड्डू’

Nashik Trimbakeshwar News: त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में जल्द 'महाप्रसाद योजना' शुरू होगी। 20 वाले बूंदी लड्डू की जगह अब 'मुटकुले का लड्डू' मिलेगा, जिसके लिए ट्रस्ट ने टेंडर जारी किया है।
Trimbakeshwar Devasthan Trust is set to launch 'Mahaprasad Yojana' at the Shivprasad building. A tender has been issued to serve traditional 'Mutkule Laddu' to devotees.
त्र्यंबकेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

Trimbakeshwar Jyotirlinga Temple News: त्र्यंबकेश्वर के ज्योतिर्लिंग मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले देश-विदेश के करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए एक बड़ी और आनंदमयी खबर है। आखिरकार श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट की ओर से मंदिर परिसर में 'महाप्रसाद योजना' शुरू होने जा रही है। इसके साथ ही, अब भाविकों को प्रसाद के रूप में पारंपरिक 'मुटकुले का लड्डू' (सोलह सोमवार का विशेष प्रसाद) मिलेगा। अब तक मंदिर में 20 रुपये में मिलने वाला बूंदी का लड्डू बंद कर दिया जाएगा और उसकी जगह यह नया प्रसाद श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा।

इस महाप्रसाद योजना और नए प्रसाद के निर्माण को लेकर देवस्थान ट्रस्ट की ओर से आधिकारिक तौर पर टेंडर जारी किया गया है। टेंडर भरने वाले इच्छुक ठेकेदारों के लिए 'निविदा पूर्व बैठक' आगामी 25 मई को दोपहर 12 बजे त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट के कार्यालय में आयोजित की गई है, जहां उन्हें इससे संबंधित विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

यह महाप्रसाद योजना श्री त्र्यंबकेश्वर देवस्थान ट्रस्ट की नवनिर्मित 'शिवप्रसाद' इमारत में शुरू की जाएगी। देश के लगभग सभी बड़े और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसाद की व्यवस्था होती है, लेकिन त्र्यंबकेश्वर में यह सुविधा उपलब्ध नहीं थी।

श्रद्धालुओं की मांग हुई पूरी

ऐसे में यहां भी महाप्रसाद शुरू करने की मांग श्रद्धालुओं द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। समय-समय पर इस जनभावना और मांग को प्रमुखता से उठाया गया था, जिसे अब आखिरकार सफलता मिली है। इस योजना को लेकर इससे पहले 1 मई 2025 को भी एक विशेष समाचार प्रकाशित किया गया था, जिसमें बताया गया था कि महाप्रसाद के लिए करोड़ों रुपये की लागत से बनी 'शिवप्रसाद' इमारत और उसमें रखी लाखों की मशीनें व साहित्य बिना उपयोग के धूल खा रहे हैं।

साथ ही यह मांग भी उठाई गई थी कि श्रद्धालुओं को यह महाप्रसाद बेहद कम दरों (अल्प दर) पर उपलब्ध कराया जाए।। देवस्थान ट्रस्ट और वर्तमान न्यायाधीश चेयरमैन (अध्यक्ष) ने इस समाचार का कड़ा संज्ञान लेते हुए नासिक त्र्यंबकेश्वर देवस्थान के इस लंबित कार्य को गति दी है और इस योजना को अमली जामा पहनाया है।

Navbharat Live
navbharatlive.com