नागपुर का सबसे लंबा फ्लाईओवर फिर लेट: रेलवे ब्लॉक और डिजाइन बदलाव बने बड़ी बाधा, जून 2026 तक पूरा होने पर सवाल

Nagpur Indora Dighori Flyover: नागपुर का सबसे लंबा इंदौरा-दिघोरी फ्लाईओवर रेलवे ब्लॉक और डिजाइन में बदलाव के कारण समय पर पूरा नहीं हो सका है। जून 2026 की समय सीमा भी पूरी होना मुश्किल लग रहा है।
Nagpur's longest flyover from Indora to Dighori is set to miss its June 2026 deadline due to design modifications and a lack of required railway blocks for girder launching.
नितिन गडकरी पांचपावली फ्लाईओवर (फोटो-सोशल मीडिया)
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Nagpur Indora Dighori Flyover Extension Project Delay:  नागपुर शहर के एक बड़े भूभाग को यातायात के नजरिए से सुगम बनाने के उद्देश्य से सिटी में सबसे लंबा पुल बनाने की आधारशिला रखी गई। इंदौरा से दिघोरी तक जाने वाले इस फ्लाईओवर के बनने से निश्चित रूप से लाखों लोगों को राहत मिलेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी (एनएचएआई) को पुल बनाने की जिम्मेदारी दी गई लेकिन अफसोस यह है कि यह फ्लाईओवर भी अपने टारगेटेड समय पर पूरा नहीं हो सकेगा, अधिकांश हिस्से बनकर तैयार हैं लेकिन कुछ बड़े पेंच अब भी बाकी हैं।

इन पंचों का समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। नतीजा 'एक्सटेंशन पर प्रोजेक्ट।' केंद्रीय मंत्री के घर में बन रहे प्रोजेक्ट का समय पर पूरा नहीं होना लोगों को खलता है। ऐसे में सवाल उठना भी लाजमी हो जाता है। अधिकारियों ने दावा किया था कि दिसंबर 2025 में फ्लाईओवर चलने योग्य हो जाएगा। अब जून 2026 का टाइमटेबल दिया गया है। हालात और निर्माण कार्य की स्थिति को देखकर कहीं से यह नहीं लगता कि फ्लाईओवर शुरू हो पाएगा और लोगों को राहत मिलेगी।

यह भी सही है कि घनी आबादी और व्यस्त क्षेत्र से गुजरने के कारण प्रोजेक्ट में दिक्कतें आती हैं लेकिन प्लानिंग के वक्त इन बातों पर भी ध्यान दिया ही जाता है। इसके बाद भी अगर प्रोजेक्ट लेट होते हैं तो लोगों का सब्र का बांध टूट जाता है।

पुराने फ्लाईओवर तोड़ने नहीं मिली मंजूरी

इस फ्लाईओवर को लेट कराने में सबसे अहम भूमिका रेलवे ने निभाई है। पुराने पहले पुराने फ्लाईओवर को तोड़ने के लिए ब्लॉक नहीं दिया गया, इसके बाद नए को बनाने के लिए ब्लॉक नहीं मिला। इसी में लगभग 7 माह का समय बर्बाद हुआ। इससे समन्वय के स्तर की स्थिति, परिस्थिति उजागर हो जाती है। इस अभाव का सबसे अधिक खामियाजा क्षेत्र के लोगों ने उठाया। मार्केट खराब हुआ और लोगों के धंधे पर विपरीत असर पड़ा। लोग सन्न बांधे रहे कि कल स्थिति सुधरेगी परंतु अब भी फ्लाईओवर शुरू नहीं हो पाया है।

गर्डर लॉन्चिंग शेष

पांचपावली फ्लाईओवर के सबसे अहम भाग इंदौरा के पास ही 2 रेलवे क्रॉसिंग अब भी अड़गा बना हुई हैं। एक में गर्डर लॉन्चिंग हो चुकी है, जबकि दूसरे के लिए अब भी ब्लॉक की जरूरत है लेकिन एनएचएआई को रेलवे ब्लॉक नहीं दे रहा है, जबकि नीचे रोजाना हजारों लोग 'फाटक के बार-बार ब्लॉक' होने से परेशान हो चुके हैं। फ्लाईओवर के खुलने और नहीं खुलने के बीच यह चुनौती सबसे बड़ी है।

कई स्थानों पर अब भी कार्य बाकी

  • इसके साथ ही बड़ा ताजबाग और डागा हॉस्पिटल के पास भी एक बड़ा काम बचा हुआ है। इन दोनों स्थानों पर जब तक कार्य पूर्ण नहीं हो जाता है तब तक फ्लाईओवर को खोलना मुश्किल है।
  • कार्य शुरू होने के बाद डिजाइन में परिवर्तन करने से दूरी हुई है। महारेल का एक फ्लाईओवर भी यहीं से गुजर रहा है और जो दोनों प्रोजेक्ट के समय सीमा को बढ़ा रहा है।
  • इन कार्यों को देखकर लगता है कि समय पर फ्लाईओवर का खुलना नामुमकिन ही है।

एक माह में कर लेंगे पूरा

जिचकार एक माह का वक्त है शेष इस प्रोजेक्ट को एक्सटेंशन प्रोजेक्ट में शामिल होने में महज 1 माह का समय बचा है। इस बीच दूसरे विभागों से समन्वय, रेलवे से ब्लॉक लेना, गर्डर के ट्रायल को मंजूरी लेना भी शेष है। 30 दिनों के अंदर कार्य को पूर्ण करना है तो केंद्रीय मंत्री गडकरी को हस्तेक्षप करना ही होगा। अन्यथा ऐसा न हो कि इसकी छवि भी पारडी पुल जैसी बन जाए। इस बीच एनएचएआई को पूर्ण भरोसा है कि इस प्रोजेक्ट को जून के आखिरी में खोल दिया जाएगा।

अधिकारी भी मानते हैं कि रेलवे ब्लॉक और डिजाइन में बदलाव के कारण कुछ विलंब हुआ है लेकिन इस विलंब को कवर कर लिया जाएगा। इंदौरा के एक रेलवे क्रॉसिंग पर गर्डर डालने का काम बाकी है। गर्डर का ट्रायल हैदराबाद में हो चुका है। मंजूरी भी मिल गई है, उसे एक सप्ताह के अंदर नागपुर लाया जाएगा,

इसके बाद ब्लॉक मिलते ही गर्डर लॉन्चिंग कर दी जाएगी। बड़ा ताजबाग, डागा का मसला भी हल कर लिया गया है और कार्य शुरू हो चुके हैं। इन कार्यों को जून तक पूर्ण होने की उम्मीद है। एनएचएआई एक साथ सभी सेक्टर को शुरू करेगा, इसके लिए संपूर्ण प्रोजेक्ट का पूर्ण होना जरूरी है। मैनपावर बढ़ाया गया है, ताकि समय पर कार्य हो चके। अभिजीत जिचकार, प्रोजेक्ट डायरेक्टर, एनएचएआई

पूरा प्रोजेक्ट

  • शहर में नागपुर-उमरेड रोड (एनएच-353डी)
  • कुल लंबाई: 8.90 किलोमीटर
  • ठेकेदार कंपनी लिमिटेड, हैदराबाद एनसीसी
  • स्वीकृत लागत: 998.27 करोड़
  • निर्माण लागत (सिविल): 684.88 करोड़
  • एलओए (कार्यदिश): 27 मार्च 2023
  • अनुबंध पर हस्ताक्षर : 28 अप्रैल 2023
  • कार्य प्रारंभ 1 जुलाई 2023
  • संभावित पूर्णता 30 जून 2026
  • फ्लाईओवर की वास्तविक लंबाई : 6.37 किलोमीटर
  • सर्विस रोड: 13.82 किलोमीटर
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