‘मुझसे मदद मांगती तो…,’ निदा खान को लेकर ये क्या बोल गए AIMIM नेता इम्तियाज़ जलील
TCS Nashik Case: AIMIM नेता इम्तियाज़ जलील ने निदा खान का बचाव करते हुए पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि अगर आरोप गंभीर होते तो अब तक लुक आउट नोटिस जारी हो गया होता।
- Written By: गोरक्ष पोफली
इम्तियाज़ जलील (सोर्स: डिजाइन फोटो)
Imtiyaz Jaleel Supports Nida Khan: AIMIM के कद्दावर नेता और पूर्व सांसद इम्तियाज़ जलील ने निदा खान मामले में एक बार फिर खुलकर अपनी राय रखी है। 42 दिनों से फरार निदा खान को छत्रपति संभाजीनगर के नारेगांव स्थित कौसर पार्क इलाके से पकड़ा गया। जिस घर में निदा अपने परिवार के साथ छिपी हुई थी, वह एआईएमआईएम (AIMIM) के स्थानीय पार्षद मतीन पटेल का है। निदा खान पर लगे आरोपों और AIMIM पार्षद द्वारा उन्हें पनाह दिए जाने के खुलासे पर जलील ने न केवल अपनी पार्टी के पार्षद का बचाव किया, बल्कि निदा खान को बेगुनाह बताते हुए कानूनी प्रक्रिया पर भी सवाल खड़े किए।
आतंकियों से गांठ होती तो जारी होता लुक आउट नोटिस
निदा खान पर लगे गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए इम्तियाज़ जलील ने कहा, उस लड़की पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनमें सच्चाई नहीं दिखती। अगर वाकई उस पर कोई गंभीर आरोप होते या आतंकवादियों से साठ-गांठ जैसा कुछ होता, तो पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ NBW (नॉन बेलेबल वारंट) या लुक आउट नोटिस जारी कर दिया होता। पुलिस की चुप्पी और प्रक्रिया ही बता रही है कि मामला वैसा नहीं है जैसा पेश किया जा रहा है।
पार्षद का बचाव और नैतिकता का सवाल
जब उनसे पूछा गया कि क्या उनकी पार्टी के पार्षद द्वारा एक आरोपी को पनाह देना नैतिक है, तो जलील ने सधे हुए अंदाज में जवाब दिया। उन्होंने कहा, पुलिस ने अगर FIR की है, तो वे नियमानुसार अपनी कार्रवाई करेंगे। थोड़ा समय बीतने दें, मैं खुद पुलिस से बात करूँगा कि असल मामला क्या है। यह उम्मीद न करें कि पालकमंत्री ने कुछ कह दिया तो मैं उसे मान लूँगा। मैं पालकमंत्री को रत्ती भर भी भाव नहीं देता। मैं केवल पुलिस कमिश्नर या नासिक पुलिस के सवालों का जवाब देने के लिए बाध्य हूँ।
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मुझसे मदद मांगती तो मैं भी करता
इम्तियाज़ जलील ने साफ किया कि वे पहले भी निदा खान के पक्ष में थे और आज भी हैं। उन्होंने कहा, मैंने उस लड़की का पक्ष सुना है और FIR भी पढ़ी है। मैंने निदा को आश्वासन दिया था कि हम उसके साथ पूरी ताकत से खड़े रहेंगे। हमें देश की न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है। मीडिया को यह समझना चाहिए कि वह अभी केवल एक आरोपी (Accused) है, अपराधी (Convict) नहीं। उस पर अभी अपराध सिद्ध नहीं हुआ है। अगर वह हाई कोर्ट जाती, तो मुझे यकीन है कि उसे जमानत जरूर मिलती। यहाँ तक कि अगर निदा मुझसे भी मदद मांगती, तो मैं भी उसकी मदद करता।
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नीतेश राणे पर तीखा प्रहार
भाजपा नेता नितेश राणे की प्रतिक्रिया के बारे में पूछे जाने पर इम्तियाज़ जलील ने बेहद आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने राणे का नाम लिए बिना उन पर कटाक्ष करते हुए कहा, इन जैसे ‘चिंगे-मिंगो’ पर मैं कोई बात नहीं करना चाहता। मेरे पास गंभीर मुद्दों पर चर्चा करने के लिए समय है, ऐसे लोगों की टिप्पणियों पर नहीं।
