मराठा आंदोलन के चलते वसंत गीते का महाराष्ट्र सरकार पर फूटा गुस्सा, बोले- सीएम ले सारी जिम्मेदारी

मराठा आंदोलन के चलते पूर्व विधायक वसंत गीते ने महाराष्ट्र सरकार को आड़े हाथों लिया है। पूर्व विधायक वसंत गीते ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाया है।
मनोज जरांगे
मनोज जरांगे (सौजन्यः सोशल मीडिया)
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Nashik News In Hindi: मराठा आरक्षण के मुद्दे पर, पूर्व विधायक वसंत गीते ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और बीजेपी के पदाधिकारियों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि सरकार मराठा आरक्षण के मुद्दे पर शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) और अन्य विपक्षी दलों से उनकी राय पूछती रहती है।

इस पर प्रतिक्रिया देते हुए, गीते ने साफ किया कि इस मामले पर निर्णय लेने का अधिकार और जिम्मेदारी पूरी तरह से मुख्यमंत्री की है। उन्हें बिना किसी देरी के इस पर फैसला लेना चाहिए।

ओबीसी नेताओं को दी चेतावनी

गीते ने कहा कि मराठा आरक्षण का निर्णय लेना और आंदोलनकारियों को संतुष्ट करना राज्य सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया। कि वह ओबीसी वर्ग के कुछ स्वघोषित नेताओं या उन लोगों को तुरंत समझाएं, जो जानबूझकर मराठा और ओबीसी के बीच विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि मराठा समुदाय को जो भी आरक्षण दिया जाएगा, वह किसी के भी हिस्से से नहीं दिया जाएगा। इसलिए, विघ्नसंतोषी लोगों को इस मुद्दे पर माहौल खराब करने की कोशिश नहीं करनी चाहिए।

विघ्नसंतोषी लोग माहौल खराब न करें

पूर्व विधायक गीते ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब मुंबई में आंदोलन की तारीख दो महीने पहले ही तय हो गई थी, तो सरकार ने इस दौरान क्या कार्रवाई की? जरांगे के साथ क्या चर्चा की? और आंदोलनकारियों के मुंबई पहुंचने से पहले ही कोई ठोस कदम क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने कहा कि ये सभी सवाल नागरिकों के मन में हैं।

सद्भाव बिगाड़ने वालों को किया आगाह

  • गीते ने कहा कि महाराष्ट्र में सभी समुदायों के लोग सद्भाव से रहते हैं और एक-दूसरे के सुख-दुःख में शामिल होते हैं। उनके बीच कोई विवाद नहीं है।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ विघ्नसंतोषी लोग राजनीतिक उद्देश्यों से ऐसे बयान और चेतावनी दे रहे हैं, जिससे यह सद्भाव बिगड़ सकता है।
  • उन्होंने कहा कि आरक्षण का मुद्दा सरकार के अधिकार क्षेत्र में है और सरकार को इस पर निर्णय लेने देना चाहिए।
  • उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि चाहे कुछ भी हो जाए, सभी समुदायों के बीच सद्भाव कायम रहेगा और कोई भी इसमें बाधा नहीं डाल पाएगा।
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