ED Money Laundering Probe Maharashtra (सोर्सः सोशल मीडिया)
High Profile Devotees Controversy Maharashtra: न्यायिक हिरासत में बंद नासिक के जालसाज तांत्रिक अशोक खरात पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अपना शिकंजा कस दिया है। ‘ईडी’ ने शनिवार को खरात दंपति को दूसरा बड़ा झटका दिया था। ‘ईडी’ खरात के तीन और उसकी पत्नी के एक बैंक खाते को सील करके उनमें हुई अनियमितताओं की जांच कर रही है। इससे खरात के हाई प्रोफाइल भक्तों की टेंशन बढ़ गई है। उल्लेखनीय यह है कि खरात के भक्तों में राज्य की सत्ता में शामिल प्रमुख राजनीतिक दलों के कई बड़े नेता शामिल है।
सियासी जानकार इसे सत्तारूढ़ बीजेपी की सहयोगी दलों दबाकर रखने की रणनीति बता रहे हैं। तांत्रिक खऱात के भक्तों में उप मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, महाराष्ट्र महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर, पूर्व मंत्री दीपक केसरकर सहित कई बड़े नेताओं के नाम अब तक जुड़ चुके हैं।
हाई प्रोफाइल तांत्रिक खरात पर चमत्कार का झांसा देकर कई महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप तो लगा ही है। तो वहीं उसके और उसकी पत्नी कल्पना की कई बेनामी संपत्तियों का खुलासा भी हुआ है। जांच में यह भी पता चला है कि दंपति पर हवाला रैकेट भी चलाता था। जिसके जरिए वह अपने कथित भक्तों में के काले धन की हेराफेरी करता था।
इसलिए ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज करके खरात को पहला झटका दिया था लेकिन शनिवार को चार खाते सील करके दंपति की आर्थिक नाकेबंदी कर दी। बैंक खाते सील कर दंपति की आर्थिक नाकेबंदी कर दी। सील किए गए बैंक खातों में नासिक, पुणे, मुंबई और अहिल्यानगर जिले के विभिन्न खातों से करोड़ों रुपए ट्रांसफर होने का खुलासा हुआ है।
जांच एजेंसियों को खरात के कनाडा कॉर्नर स्थित कार्यालय से 160 जीबी डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। पुलिस ने इन्हें A, B, C कोड वर्ड में वर्गीकृत किया है, जिनमें ‘A’ फोल्डर में यौन शोषण से जुड़े साक्ष्य हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया के अनुसार, खरात को ‘नॉडी’ और ‘शिजूका’ नामक कोड वर्ड से कॉल आते थे, जिसमें बड़ी हस्तियों की संलिप्तता का संदेह है। जांच में यह भी पता चला है कि खरात अपने धनी भक्तों को ईडी या आयकर की नकली छापेमारी का डर दिखाता था और रक्षा करने के नाम पर पैसों का हेरफेर करके मोटी कमाई करता था।