77 करोड़ फंड घोटाला: मुंबई में 34.51 करोड़ की संपत्ति जब्त, ED की बड़ी कार्रवाई

Money Laundering Case: मुंबई में ED ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 34.51 करोड़ की 35 संपत्तियां जब्त की हैं। जांच में 77 करोड़ रुपये के फंड घोटाले और फर्जी खातों के जरिए धन ट्रांसफर का खुलासा हुआ है।
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प्रवर्तन निदेशालय (सौजन्य- सोशल मीडिया)
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Mumbai ED Property Attachment Case: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), मुंबई जोनल कार्यालय ने मनी लॉन्ड्रंग रोकथाम अधिनियम के प्रावधानों के तहत, मुंबई में स्थित 35 अचल और चल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। जिसमें फ्लैट, दुकान, फिक्स्ड डिपॉजिट आदि शामिल है।

इन संपत्तियों का मूल्य लगभग 34.51 करोड़ रुपये है। ये बर्नाडेट भारत वर्मा, भारत कुमार शंकरलाल वर्मा तथा अन्य व्यक्तियों से संबंधित हैं। ईडी ने प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की है। यह एफआईआर मूल रूप से कफ परेड पुलिस स्टेशन में, बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई थी।

  • जांच में पता चला है कि बर्नाडेट भारत वर्मा, जो यूनाइटेड सर्विसेज़ क्लब की उप सचिव (वित्त) थीं, ने अपने पति भारत कुमार शंकर लाल वर्मा के साथ मिलकर साजिश रची थी। उन्होंने यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के मूल, नियमित विक्रेताओं के नामों से मिलते-जुलते नामों पर कई डमी बैंक खाते खोले या खुलवाए और यूएस क्लब के लगभग 77 करोड़ रुपये के फंड को इन खातों में ट्रांसफर कर दिया था।
  • अपराध से प्राप्त इन फंडों को बाद में वर्मा, भरत कुमार वर्मा और उनके परिवार के सदस्यों और सहयोगियों के निजी संयुक्त बैंक खातों में भेज दिया गया। उन्होंने इन फंडों का उपयोग कई अचल संपत्तियां खरीदने में किया तथा, इसका कुछ हिस्सा विभिन्न बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में निवेश किया था।

अपराध से मिले 11 करोड़ रुपए बैंक में ट्रांसफर किए

इसके अलावा, अपराध से प्राप्त लगभग 11 करोड़ रुपये ज्योतिर्गमय फाउंडेशन (ट्रस्ट) के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए। वहां से ये फंड बाद में चंद्र प्रकाश पांडे, उनके परिवार के सदस्यों तथा उनके द्वारा नियंत्रित फार्मों से संबंधित बैंक खातों में भेजे गए। चंद्र प्रकाश पांडे यूनाइटेड सर्विसेज क्लब के चार्टर्ड अकाउंटेंट थे। आगे की जांच जारी है।

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