पंचायत के हर पैसे का हिसाब आपकी मुट्ठी में, ‘ई-ग्राम स्वराज’ ऐप से बढ़ा गांव के कामकाज में विश्वास
E-Gram Swaraj: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया 'ई-ग्राम स्वराज' ऐप इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो ग्राम पंचायत के सभी वित्तीय लेन-देन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराता है।
- Written By: आंचल लोखंडे
पंचायत के हर पैसे का हिसाब आपकी मुट्ठी में (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Gram Panchayat: आज भी कई नागरिकों को यह नहीं पता होता कि केंद्र और राज्य सरकारें उनके गांव के विकास के लिए कितना फंड देती हैं और उसका उपयोग कहां किया जाता है। इस कमी के कारण, आम जनता के लिए यह जानना मुश्किल हो जाता था कि धनराशि का सही इस्तेमाल हुआ है या नहीं। हालांकि, अब तकनीक की मदद से यह सारी जानकारी आसानी से ट्रैक की जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लॉन्च किया गया ‘ई-ग्राम स्वराज’ ऐप इसी दिशा में एक बड़ा कदम है, जो ग्राम पंचायत के सभी वित्तीय लेन-देन की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराता है।
यह ऐप ग्राम पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है। इसका उपयोग करना बेहद आसान है: सबसे पहले, गूगल प्ले स्टोर से ‘ई-ग्राम स्वराज’ ऐप डाउनलोड करें। ऐप पर अपने राज्य, जिला, तहसील और गांव पारदर्शिता यह ऐप ग्राम पंचायत के कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण है। इसका उपयोग करना बेहद आसान हैः सबसे पहले, गूगल प्ले स्टोर से ‘ई-ग्राम स्वराज’ ऐप डाउनलोड करें।
कामकाज में पारदर्शिता लाने के लिए एक शक्तिशाली उपकरण
ऐप पर अपने राज्य, जिला, तहसील और गांव स्थानीय नागरिकों ने जताई खुशी आदिवासी बहुल येवला गांव के रविंद्र पवार (45) ने बताया, “पहले हमें ग्राम पंचायत के खर्च की जानकारी के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे। अब हम घर बैठे फोन पर सब देख सकते हैं। इससे विश्वास बढ़ा है और हमें लगता है कि हमारा पैसा सही काम में लग रहा है।” लाने के लिए एक का नाम चुनें।
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इसके बाद, आपको कई विकल्प दिखाई देंगे, जिनसे आप अपने गांव से जुड़ी सभी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ‘स्वीकृत गतिविधियां’ विकल्प में आप उन सभी विकास कार्यों का विवरण देख सकते हैं जिनके
लिए सरकार ने धनराशि मंजूर की है। ‘वित्तीय प्रगति’ विकल्प में, आप यह देख सकते हैं कि किस योजना के तहत कितनी धनराशि प्राप्त हुई और उसका उपयोग कहां किया गया है। यह विकल्प धनराशि प्राप्ति से लेकर उसके खर्च तक की पूरी रिपोर्ट देता है।
स्थानीय नागरिकों ने जताई खुशी
आदिवासी बहुल येवला गांव के रविंद्र पवार (45) ने बताया, “पहले हमें ग्राम पंचायत के खर्च की जानकारी के लिए कई बार चक्कर लगाने पड़ते थे। अब हम घर बैठे फोन पर सब देख सकते हैं। इससे विश्वास बढ़ा है और हमें लगता है कि हमारा पैसा सही काम में लग रहा है।”
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ऐप में जुड़ेंगी नई सुविधाएं
‘ई-ग्राम स्वराज’ ऐप को और भी उपयोगी बनाने की योजना है। इसमें सीधे गांव के विकास कार्यों के लिए सुझाव देने, बैठकों की जानकारी प्राप्त करने और अपनी शिकायतें दर्ज करने जैसी नई सुविधाएं जोड़ी जा सकती हैं।
ग्राम पंचायत को कहाँ से मिलता है फंड ?
ग्राम पंचायत को विकास कार्यों के लिए केंद्र और राज्य सरकार की 1100 से अधिक योजनाओं से फंड मिलता है। फंड मिलने की प्रक्रिया इस प्रकार होती हैः केंद्र प्रायोजित योजनाएंः इन योजनाओं में कुल धनराशि का 60 प्रतिशत हिस्सा केंद्र सरकार और शेष 40 प्रतिशत राज्य सरकार द्वारा दिया जाता है। राज्य प्रायोजित योजनाएंः इन योजनाओं के लिए 100 प्रतिशत धनराशि राज्य सरकार द्वारा प्रदान की जाती है।
इसके अलावा, कुछ योजनाओं का क्रियान्वयन जिला परिषद, पंचायत समिति, सीएसआर निधि या निजी भागीदारी के माध्यम से भी किया जाता है। यह ऐप ग्रामीणों को अपने गांव के विकास से जुड़ी हर जानकारी जानने का अधिकार देता है। इससे आम नागरिक अपनी ग्राम पंचायत के खर्चों पर नजर रख सकते हैं, जिससे गांव के प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी। यह पहल ग्रामीण भारत के सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
