नासिक बनेगा डिफेंस हब, हर साल वायुसेना में जुड़ेंगे 8 विमान, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया ऐलान
Nashik News: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नासिक में ‘डिफेंस हब’ और ‘इनोवेशन सेंटर’ स्थापित करने का आश्वासन दिया। HAL की नई उत्पादन लाइनों का उद्घाटन करते हुए कहा कि यह आत्मनिर्भर भारत की उड़ान है।
- Written By: आकाश मसने
कार्यक्रम मौजूद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह (सोर्स: सोशल मीडिया)
Inauguration Of New Production Lines Of HAL: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नासिक के उद्यमियों को आश्वासन दिया है कि नासिक में ‘डिफेन्स हब’ और ‘इनोवेशन सेंटर’ स्थापित करने के लिए केंद्र सरकार की ओर से हर संभव सहयोगा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार औद्योगिक विकास को गति देने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसका नासिक को बड़ा लाभा मिलेगा।
राजनाथ सिंह ने ओझर स्थित हिंदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) में निर्मित स्मार्ट मिनी टाउनशिप का उद्घाटन किया। इस दौरान राज्य के जला संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ। भारती पवार, और HAL के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
HAL बना सशक्त भारत का प्रतीक : सिंह
देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नासिक की धरती को आध्यात्मिकता के साथ-साथ आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि ओझर स्थित हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) की परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने के अनुरूप भारत को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
सम्बंधित ख़बरें
मेट्रो 2 बी का दूसरा-तीसरा चरण फ़ास्ट ट्रैक पर, बुलेट,मेट्रो,मोनो व लोकल से येलो लाइन की मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी
चना खरीद का लक्ष्य पूर्ण, विधायक सावरकर की पहल से पुनः शुरू होने की संभावना
अकोला: पाइप लाइन फटने से दूकान में पानी भरा, व्यापारी को हुआ आर्थिक नुकसान
राज्य में सड़क दुर्घटनाओं और मृत्युदर में आई कमी, अकोला में भी पुलिस अधीक्षक की पहल
रक्षा मंत्री सिंह ने शुक्रवार सुबह HAL परिसर में LCA Mk 1A (तेजस) की तीसरी उत्पादन लाइन और HTT 40 प्रशिक्षु विमान की दूसरी उत्पादन लाइन का उद्घाटन करते हुए ये बातें कही।
Raksha Mantri Shri @rajnathsingh inaugurated the 3rd LCA Mk1A production line & 2nd HTT-40 line at HAL Nashik and flagged off the first Tejas Mk1A (LA-5043) from the new facility. With this, HAL has achieved a total LCA production capacity of 24 aircraft annually — a major boost… pic.twitter.com/z8B8RFI2EG — Ministry of Defence, Government of India (@SpokespersonMoD) October 17, 2025
रक्षा उत्पादन में आई क्रांति
HAL की ओझर परियोजना में मिग, सुखोई 30, तेजस और प्रशिक्षण विमानों का निर्माण देश और रक्षा विभाग के लिए गौरव की बात है। सिंह ने कहा कि यह सिर्फ गौरव की उड़ान नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की उड़ान है।
रक्षा मंत्री ने बताया कि कुछ साल पहले तक देश को रक्षा उत्पादों के लिए विदेशों पर निर्भर रहना पड़ता था, और 65 से 70 प्रतिशत सामग्री आयात की जाती थी। अब यह स्थिति बदल गई है। अब 65 प्रतिशत सामग्री देश में ही निर्मित हो रही है। जल्द ही सभी सामग्री का निर्माण घरेलू स्तर पर किया जाएगा।
2029 तक 3 लाख करोड़ का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश रक्षा सामग्री के उत्पादन में आत्मनिर्भर और सक्षम बन रहा है, जिससे आयात पर निर्भरता कम हुई है। धरेलू रक्षा उत्पादों का मूल्य 2029 तक 3 लाख करोड़ रुपये निर्धारित किया गया है, जिससे देश की आयात पर निर्भरता और कम होगी। साथ ही, 2029 तक रक्षा उत्पादों के निर्यात मूल्य को दोगुना करके 50 हजार करोड़ रुपये करने का लक्ष्य है, जो निश्चित रूप से हासिल होगा।
यह भी पढ़ें:- रियर एडमिरल शांतनु झा ने संभाली महाराष्ट्र नौसेना क्षेत्र की कमान, कई युद्धपोतों को किया है नेविगेट
‘मेक इन इंडिया’ का लाभ
- पिछले 10 वर्षों में रक्षा उत्पादन क्षेत्र में तेजी से प्रगति हुई है, जिसके परिणामस्वरूप लड़ाकू विमान, मिसाइल, मशीनरी, और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भारत में ही बनाए जा रहे है।
- ‘मेक इन इंडिया के तहत स्थानीय निर्माताओं को प्रेरित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय उद्यमियों को भी मदद मिल रही है। रक्षा मंत्री ने कहा कि वर्तमान में युद्ध की रणनीतियां बदल रही है।
- इस पृष्ठभूमि में, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, साइबर, ड्रोन प्रणालियां और अगली पीढ़ी के विमान भविष्य के युद्धों की दिशा तय करेंगे।
- इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री गिरीश महाजन, HAL के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक डॉ। डी। के। सुनील और रक्षा उत्पादन विभाग के सचिव संजीव कुमार सहित सेना, वायु सेना, जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
नासिक से सालाना 8 विमान वायुसेना में जुड़ेंगे
तेजस लड़ाकू विमानों का उत्पादन बेंगलुरु में पहले से मौजूद दो नए संयंत्रों में हो रहा है, जहां सालाना 16 विमान बनते हैं। नासिक लाइन तीसरी उत्पादन इकाई है। इस संयंत्र की स्थापना 150 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश से की गई है, जिससे सालाना 8 और विमान जुड़ आएंगे, जिससे एचएएल की उत्पादन क्षमता बढ़कर 24 विमान प्रति साल हो जाएगी।
