नागपुर में 'एक्सप्रेसवे' के नाम पर 5 करोड़ की चपत! दिल्ली का शातिर ठग अजय कुमार मुंबई से गिरफ्तार

Nagpur 5 Crore Fraud Case: नागपुर पुलिस की बड़ी कामयाबी। दिल्ली का ठग कांट्रैक्टर अजय कुमार शर्मा गिरफ्तार। एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट के नाम पर 5 करोड़ की ठगी। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी।
Nagpur's Sitabuldi police arrested Ajay Kumar Sharma, director of Infracian Construction, for a ₹5 crore fraud related to the Bhandara-Gadchiroli Expressway project.
ठग कांट्रैक्टर अजय कुमार शर्मा (सौजन्य-नवभारत)
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Ajay Kumar Sharma Infracian Construction: निर्माण कार्य ठेका दिलाने का झांसा देकर 5 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने वाले दिल्ली के ठग कांट्रैक्टर और कंस्ट्रक्शन व्यवसायियों के खिलाफ सीताबर्डी पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया था। अब पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी नोयडा निवासी अजयकुमार शर्मा को मुंबई से गिरफ्तार कर लिया है।

विगत 4 फरवरी को पुलिस ने शिवाजीनगर निवासी नीतेश विनय कुमार संकलेचा (56) की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। आरोपियों में इंफ्रासियन कंस्ट्रक्शन प्रा। लि। कंपनी के निदेशक अजय कुमार शर्मा, विजय कुमार शर्मा तथा उनके सहयोगी नितिन त्यागी का समावेश था। इस फर्म के संचालकों के खिलाफ ठगी के और भी मामले दर्ज हैं। नीतेश मुंबई की दिग्विजय श्रद्धा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रा. लि. के अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता हैं।

दिल्ली में हुई मुलाकात

इस कंपनी का शाखा कार्यालय किंग्सवे स्थित श्रद्धा हाउस कॉम्प्लेक्स में है। उनकी कंपनी के बगल में ही सरला प्रोजेक्ट वर्क्स प्रा. लि. कंपनी का कार्यालय है। वर्ष 2024 के सितंबर माह में पवन मल्होत्रा नामक व्यक्ति के माध्यम से उनकी मुलाकात अजय कुमार से दिल्ली में हुई थी। अजय कुमार ने स्वयं को इंफ्रासियन कंस्ट्रक्शन प्रा. लि. का निदेशक बताते हुए महाराष्ट्र में बड़े सड़क निर्माण प्रोजेक्ट दिलाने का आश्वासन दिया था।

शिकायत में बताया गया कि अजय कुमार ने दावा किया था कि इरकॉन कंपनी को भंडारा-गड़चिरोली एक्सेस कंट्रोल्ड एक्सप्रेसवे (पैकेज बीजी-03) का ठेका मिला है। उक्त कार्य उनकी कंपनी को बैक-टू-बैक आधार पर मिलने वाला है।

इस परियोजना में सहभागिता दिलाने के नाम पर अजय और विजय कुमार ने दिग्विजय और सरला प्रोजेक्ट कंपनी से 5 करोड़ रुपये अग्रिम के रूप में मांगे थे। अजय कुमार के आश्वासन और बड़ी-बड़ी बातों पर विश्वास करते हुए कंपनी ने 19 नवंबर 2024 को डीडी द्वारा 5 करोड़ रुपये का भुगतान किया।

23 मार्च तक पुलिस हिरासत

भुगतान के बाद भी कोई काम नहीं मिला और न रकम लौटाई गई। इसके बाद पुलिस ने तीनों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। अजय कुमार के खिलाफ मुंबई के कांदीवली में भी 3 करोड़ के फ्रॉड का मामला दर्ज है। मुंबई एंटी एक्सटॉर्शन सेल ने अजय को नोएडा स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था।

इसकी जानकारी मिलते ही डीसीपी नित्यानंद झा ने जांच अधिकारी को तत्काल मुंबई जाने के निर्देश दिए। न्यायालय से प्रोडक्शन वारंट लेकर अजय को गिरफ्तार कर नागपुर लाया गया। पुलिस ने उसे न्यायालय में पेश किया। अदालत ने उसे 23 मार्च तक पुलिस हिरासत में रखने के आदेश दिए। जल्द ही इस मामले में विजय कुमार और नितिन त्यागी की भी गिरफ्तारी हो सकती है।

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