मतदाता सूची में भारी फेरबदल, 40 हजार नाम गायब-12 हजार नए जुड़े, क्या बदलेंगे नासिक में चुनावी समीकरण
Voter List: नासिक जिला चुनाव अधिकारी का कहना है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें उन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम दोहरी सूची में थे, या जो अपने पते से जा चुके हैं।
- Written By: आंचल लोखंडे
मतदाता सूची में भारी फेरबदल (सौजन्यः सोशल मीडिया)
Nashik District: नासिक जिले की मतदाता सूची में एक बड़ा और चौंकाने वाला फेरबदल सामने आया है। जहां एक तरफ 12,211 नए मतदाताओं का पंजीकरण हुआ है, वहीं दूसरी ओर 40,199 मतदाताओं के नाम सूची से हटा दिए गए हैं। हटाए गए नामों की यह बड़ी संख्या जिले की चुनावी राजनीति के लिए एक गंभीर मुद्दा बन गई है। मतदाता सूची में गड़बड़ी का मुद्दा देशव्यापी बहस का केंद्र बन गया है। खासकर केंद्रीय चुनाव आयोग द्वारा बिहार में लगभग 60 लाख मतदाताओं के नाम हटाने की परियोजना के बाद। नासिक में भी यह मुद्दा गरमाया हुआ है।
पिछले विधानसभा चुनावों से पहले, देवलाली निर्वाचन क्षेत्र में कथित मतदाता फर्जीवाड़े का मुद्दा विपक्ष ने उठाया था, जिस पर प्रशासन ने स्थानीय स्तर पर एक मामला भी दर्ज किया है। इन आंकड़ों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, क्योंकि मतदाताओं का अचानक इतनी बड़ी संख्या में हटना संदेह पैदा करता है।
देवलाली का ‘मतदाता फर्जीवाड़ा’ बना राष्ट्रीय मुद्दा
इस बड़े फेरबदल को लेकर प्रशासन ने अपनी सफाई पेश की है। जिला चुनाव अधिकारी का कहना है कि यह एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें उन मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, जिनके नाम दोहरी सूची में थे, या जो अपने पते से जा चुके हैं। हालांकि, विपक्ष ने प्रशासन की इस दलील को खारिज कर दिया है। एक प्रमुख विपक्षी नेता ने नाम न छापने की शर्त पर कहा, श्यह ‘मतदाता सूची की सफाई’ नहीं, बल्कि एक खास वर्ग के वोटरों को हटाने की सुनियोजित साजिश है।
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नासिक पूर्व में सबसे ज्यादा नाम हटाए गए
जिले में 8 महीनों में नए मतदाताओं के पंजीकरण की तुलना में, हटाए गए नामों की संख्या लगभग आधी है। सबसे अधिक नाम, 5,569, नासिक पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से हटाए गए हैं। यह आंकड़ा जिले की चुनावी राजनीति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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विपक्ष ने उठाए सवाल
नासिक पूर्व निर्वाचन क्षेत्र से हटाए गए हैं, जिससे विपक्षी दलों ने इन छंटनियों पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। इन आंकड़ों ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं।
‘युवा शक्ति’ बनी मतदाता सूची की नई ताकत
इस बीच, युवा मतदाताओं की संख्या में एक बड़ा उछाल देखा गया है, जो आने वाले चुनावों में निर्णायक साबित हो सकता है। जिला चुनाव विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 दिसंबर 2023 से 1 जुलाई 2024 तक की अवधि में सबसे अधिक पंजीकरण 20 से 29 वर्ष के आयु वर्ग में हुआ है, जिनकी संख्या 48,480 है। वहीं, 30 से 39 वर्ष के आयु वर्ग में 23,644 नए मतदाता जुड़े हैं।
