नासिक में BAFNA ज्वेलर्स पर बैंक को गुमराह करने का आरोप, फर्जी कागजात दिखाकर TJSB बैंक से लिया करोड़ों का कर्ज
BAFNA Jewellers Bank Loan Scam: नासिक में बाफना ज्वेलर्स पर टीजेएसबी बैंक से 38 करोड़ की धोखाधड़ी का आरोप। 59 करोड़ का फर्जी स्टॉक दिखाया, जांच में दुकान से केवल 25 लाख की चांदी मिली।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
बाफना ज्वैलर्स बैंक ऋण घोटाला (सोर्स: AI)
BAFNA Jewellers Bank Loan Scam In Nashik: शहर के प्रतिष्ठित मैसर्स बाफना ज्वेलर्स प्रा. लि. के संचालकों द्वारा फर्जी दस्तावेजों के आधार पर TJSB सहकारी बैंक से करीब 38 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस संबंध में सरकारवाड़ा पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है, जिसके बाद अपराध जांच दल ने मुख्य संदिग्ध संचालक निलेश सुभाष बाफना को गिरफ्तार कर लिया है। अदालत ने आरोपी को 26 जून 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है और इस मामले की आगे की जांच नासिक शहर आर्थिक अपराध शाखा को सौंप दी गई है।
फर्जी स्टॉक दिखाकर कर्ज लेने का आरोप
इस मामले में TJSB बैंक के अंबड रिकवरी विभाग के प्रबंधक सुहास विजय दंडवते (उम्र 56, उंटवाड़ी, नासिक) ने सरकारवाड़ा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के आधार पर संदिग्ध संचालक निलेश सुभाष बाफना, सुभाष लखीचंद बाफना, नम्रता निलेश बाफना, प्रभावती सुभाष बाफना (सभी निवासी- तिडके कॉलोनी, नासिक) और जमानतदार कांतिलाल लखीचंद बाफना व सरला पारसमल बाफना के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बाफना ज्वेलर्स के संचालकों ने शरणपुर रोड स्थित सुयोजित संकुल के शॉप नंबर 4 में मौजूद दुकान के लिए अक्टूबर 1998 से बैंक से समय-समय पर कैश क्रेडिट लोन लिया था। इस कर्ज को लेने के लिए दुकान में मौजूद सोने-चांदी के स्टॉक को बैंक के पास गिरवी रखा गया था।
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मार्च 2025 से कर्जदारों ने बैंक का नियमित ब्याज चुकाना बंद कर दिया, जिसके बाद बैंक ने इस खाते को एन.पी.ए. (गैर-निष्पादित संपत्ति) घोषित कर दिया। बैंक ने जब बकाया वसूली के लिए कानूनी प्रक्रिया शुरू की, तब संदिग्धों ने 30 अप्रैल 2026 को बैंक को अपने हस्ताक्षर वाला एक फर्जी स्टॉक स्टेटमेंट सौंप दिया। इस स्टेटमेंट में दुकान के भीतर 59 करोड़ 7 लाख 24 हजार 844 रुपये मूल्य का सोना, चांदी और डायमंड का स्टॉक होने का दावा किया गया था।
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बाफना ज्वेलर्स पर दर्ज हुआ मामला
बैंक को संदेह होने पर उन्होंने अदालत के आदेशानुसार कोर्ट कमिश्नर और पुलिस सुरक्षा के बीच 3 जून 2026 को दुकान का कब्जा लेने की कार्रवाई की। संदिग्धों द्वारा सहयोग न किए जाने के कारण दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया गया। आश्चर्य की बात यह रही कि दुकान के भीतर सोने या डायमंड का कोई स्टॉक मौजूद नहीं था। वहां केवल 25 लाख 19 हजार 250 रुपये मूल्य के चांदी के आभूषण बरामद हुए।
दुकान में महज 25 लाख रुपये का माल होने के बावजूद 59 करोड़ रुपये का स्टॉक होने का झूठा व फर्जी स्टेटमेंट तैयार कर संदिग्धों ने बैंक के 34 करोड़ रुपये के मूलधन और ब्याज को मिलाकर कुल 38 करोड़ रुपये का कर्ज डुबाया और गबन किया। इस बड़े आर्थिक घोटाले की जांच पुलिस आयुक्त संदीप कर्णिक के मार्गदर्शन में आर्थिक अपराध शाखा के पुलिस निरीक्षक संतोष नरुटे कर रहे हैं।
