Investment Fraud: संभाजीनगर में क्रिप्टो पर 7 लाख से 2 करोड़ बनाने का दिया लालच, दो किसानों से ठगे 14 लाख
Crypto Investment Fraud Case: छत्रपति संभाजीनगर में फर्जी क्रिप्टो कंपनी के नाम पर एक साल में 2 करोड़ रुपये का लाभ दिलाने का झांसा देकर दो किसानों से 14 लाख रुपये की ठगी का मामला दर्ज हुआ।
- Written By: आलोक उमाकृष्ण
संभाजीनगर में दो किसानों से क्रिप्टो निवेश के नाम पर धोखाधड़ी (सोर्स: AI)
Sambhajinagar Crypto Investment Fraud: छत्रपति संभाजीनगर। क्रिप्टोकरेंसी में निवेश कर मात्र एक साल में सात लाख रुपये को दो करोड़ रुपये बनाने का लालच देकर दो किसानों से 14 लाख रुपये की ठगी करने का मामला सामने आया है।
इस मामले में क्रांति चौक पुलिस ने किरण भरतराव खरात, निवासी सराफनगर, जालना के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता सुभाष गंगाराम मानकर (69), निवासी स्वतंत्र सैनिक कॉलोनी, की आरोपी से वर्ष 2020 में परिचितों के माध्यम से मुलाकात हुई थी।
आरोपी ने खुद को GDC नामक क्रिप्टो कंपनी से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि सात लाख रुपये का निवेश करने पर एक वर्ष में दो करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा। उस समय मानकर के साथ उनके मित्र शिवाजीराव अण्णासाहेब पाथ्रीकर भी मौजूद थे। आरोपी ने उन्हें भी निवेश के लिए तैयार कर लिया।
सम्बंधित ख़बरें
चार दिनों से ठप पड़ा है छत्रपति संभाजीनगर मनपा का E Office सर्वर, हजारों ऑनलाइन फाइलों का काम हुआ प्रभावित
छत्रपति संभाजीनगर में मनपा हुआ सख्त; नोटिस के बाद भी नहीं हटे 41 जर्जर भवन तो किया ध्वस्त
छत्रपति संभाजीनगर से CJP का आरोप; आंदोलन दबाने की हो रही कोशिश, सौरव दास के परिवार को डराया गया
RTO challan APK फाइल से मोबाइल हैक, 1 करोड़ रुपये की साइबर ठगी की कोशिश नाकाम, साइबर पुलिस ने किया खाता फ्रीज
बैंक चेक से दिया था पैसा
28 दिसंबर 2021 को मानकर ने अपने आरबीएल बैंक खाते से सात लाख रुपये का चेक दिया, जबकि शिवाजीराव पाथ्रीकर ने अपनी पत्नी मंगल डोमाले के स्टेट बैंक खाते से सात लाख रुपये का चेक आरोपी को सौंपा। अगले दिन दोनों चेक जमा हो गए। इसके बाद जब भी दोनों ने निवेश और लाभ की जानकारी मांगी, आरोपी हर बार जल्द राशि मिलने का भरोसा देकर टालता रहा।
चार वर्षों तक करता रहा गुमराह
शिकायतकर्ताओं ने कई बार आरोपी से संपर्क किया, लेकिन वह कंपनी से भुगतान मिलने का बहाना बनाकर समय बिताता रहा। इस दौरान उसने न तो किसी क्रिप्टो वॉलेट का विवरण दिया, न लॉगिन आईडी और न ही निवेश से संबंधित कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया।
यह भी पढ़ेः- चार दिनों से ठप पड़ा है छत्रपति संभाजीनगर मनपा का E Office सर्वर, हजारों ऑनलाइन फाइलों का काम हुआ प्रभावित
जांच में फर्जी निकली कंपनी
लगातार टालमटोल से संदेह होने पर शिकायतकर्ताओं ने GDC कंपनी की जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि इस नाम की कोई कंपनी अस्तित्व में ही नहीं है। इसके बाद दोनों किसानों ने स्वयं को ठगी का शिकार समझते हुए क्रांति चौक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक पाटिल कर रहे हैं।
