देश में 12 हजार स्कूल बंद, 40% छात्र छोड़ रहे पढ़ाई, विजय वडेट्टीवार ने शिक्षा नीति पर उठाए सवाल
Maharashtra Education System: कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने केंद्र सरकार की शिक्षा नीति पर हमला बोलते हुए कहा कि देश में 12 हजार स्कूल बंद हुए हैं और 40% छात्र 12वीं से पहले पढ़ाई छोड़ रहे हैं।
- Written By: रूपम सिंह
स्कूल बंद (प्रतीकात्मक तस्वीर, फोटो सोर्स-AI)
Vijay Wadettiwar Education Policy: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता विजय वडेट्टीवार ने देश की शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने दावा किया कि देश में हजारों स्कूल बंद हो चुके हैं और बड़ी संख्या में छात्र 12वीं तक पहुंचने से पहले ही पढ़ाई छोड़ रहे हैं। इसे लेकर उन्होंने सरकार की शिक्षा नीति पर गंभीर सवाल उठाए।
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में वडेट्टीवार ने कहा कि शिक्षा और विद्यार्थियों के भविष्य को लेकर इतनी असंवेदनशील सरकार देश ने पहले कभी नहीं देखी होगी। उन्होंने दावा किया कि देश में करीब 12,000 स्कूल बंद हो चुके हैं, 12वीं तक पहुंचने से पहले लगभग 40 प्रतिशत छात्र पढ़ाई छोड़ देते हैं और एक लाख से अधिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे संचालित हो रहे हैं। उनके अनुसार, यह केवल आंकड़े नहीं बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता का प्रमाण हैं।
स्कूली शिक्षा पर नीति आयोग की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2017-18 से 2022-23 के बीच 5 वर्षों में देश में स्कूलों की संख्या करीब 92,000 कम हुई है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एक लाख से अधिक स्कूल केवल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं, जबकि 7,993 स्कूल ऐसे हैं जहां एक भी छात्र नामांकित नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
‘तेज आवाज में गाने बजाना बना मौत का कारण’, मुंबई के विक्रोली में पिता और 14 साल के मासूम बेटे की हत्या
नासिक में बार-बार क्यों हिल रही ज़मीन? वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम
महाराष्ट्र में लागू होगी सुपर 100 योजना: हर जिले के मेधावी छात्रों को मिलेगी JEE-NEET की फ्री कोचिंग
गूंगी गुड़िया बयान पर नासिक में बवाल: NCP कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन, हर्षवर्धन सपकाल से सार्वजनिक माफी की मांग
हालांकि रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्कूलों की संख्या घटने का कारण केवल विद्यार्थियों की संख्या में कमी नहीं है बल्कि कम नामांकन वाले स्कूलों का विलय, पुनर्गठन तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत एकीकृत स्कूलों की स्थापना भी इसके प्रमुख कारण हैं।
प्राथमिक से 12वीं तक बड़ा ड्रॉपआउट
देश में वर्तमान में 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ से अधिक छात्र अध्ययन कर रहे है। प्राथमिक स्तर पर सकल नामांकन अनुपात 90.9 प्रतिशत है, जबकि उच्च माध्यमिक स्तर पर यह घटकर 58.4 प्रतिशत रह जाता है। यानी प्राथमिक शिक्षा में प्रवेश लेने वाले हर 10 छात्रों में से लगभग 4 छात्र 12वीं तक पहुंचने से पहले ही पढ़ाई छोड़ देते हैं।
यह भी पढ़ें: – महाराष्ट्र में लागू होगी सुपर 100 योजना: हर जिले के मेधावी छात्रों को मिलेगी JEE-NEET की फ्री कोचिंग
2 महाराष्ट्र की स्थिति
महाराष्ट्र में उच्च प्राथमिक से माध्यमिक स्तर तक प्रवेश दर 98.4 प्रतिशत है जो देश के सर्वश्रेष्ठ राज्यों में शामिल है। हालांकि माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर पर शिक्षक-छात्र अनुपात 37:1 है, जो राष्ट्रीय मानकों से अधिक माना गया है। राज्य में स्कूलों की संख्या भी पिछले कुछ वर्षों में घटी है। शैक्षणिक वर्ष 2018-19 में महाराष्ट्र में 1,09,942 स्कूल थे जो 2025-26 में घटकर 1,08, 139 रह गए है।
विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जाना बेहद चिंताजनक
विजय वडेट्टीवार ने कहा कि स्कूलों का बंद होना, शिक्षकों की कमी और लाखों विद्यार्थियों का भविष्य अंधकार में जाना बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि देश का विकास केवल बड़ी-बड़ी घोषणाओं से नहीं बल्कि मजबूत शिक्षा व्यवस्था से होता है। स्कूलों पर ताला लगना, देश के भविष्य पर ताला लगने जैसा है। सरकार को अब जागना चाहिए और शिक्षा तथा विद्यार्थियों के भविष्य के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए।
