नासिक में बार-बार क्यों हिल रही ज़मीन? वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार का बड़ा कदम
Earthquake Monitoring: नासिक में लगातार आ रहे भूकंपीय झटकों के वैज्ञानिक अध्ययन के लिए केंद्र सरकार की विशेषज्ञ टीम पहुंचेगी। अत्याधुनिक निगरानी उपकरणों से जुटाया गया डेटा सीधे दिल्ली भेजा जाएगा।
- Written By: अंकिता पटेल
नासिक में लगातार आ रहे भूकंपीय झटे (सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
National Seismic Monitoring Study: राजनैतिक हलचलों के केंद्र के रूप में जानी जाने वाली दिल्ली अब नासिक में आ रहे भूकंपीय झटकों पर भी सीधी नजर रखेगी। भारत सरकार के पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के माध्यम से जिले में आ रही भूकंपीय श्रृंखला का वैज्ञानिक अध्ययन किया जाएगा।
इसी पृष्ठभूमि में पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय का एक विशेषज्ञ दल बुधवार 5 अगस्त को नासिक पहुंचेगा। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में अत्याधुनिक निगरानी उपकरण स्थापित किए जाएंगे, जिनसे मिलने वाली जानकारी सीधे दिल्ली स्थित नियंत्रण केंद्र तक पहुंचेगी।
7 दिनों में 12 झटके, नागरिकों में खौफ
दिंडोरी, सुरगाणा, कलवण, पेठ और त्र्यंबकेश्वर तहसीलों में पिछले एक सप्ताह से महसूस किए जा रहे हल्के भूकंपीया झटकों के कारण नागरिकों में दहशत का माहौल है। पिछले सात दिनों में जिले में कुल 12 भूकंपीय झटके दर्ज किए गए हैं-राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र के अनुसार, शुक्रवार को आए भूकंप का केंद्र दिंडोरी में जमीन से सात किलोमीटर की गहराई पर था।
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अब तक आए अधिकांश झटकों की तीव्रता 2 से 3 रिक्टर स्केल के बीच रही है, जबकि सबसे अधिक 3.9 रिक्टर स्केल का झटका दर्ज किया गया है। इसी स्थिति को देखते हुए पृथ्वी विज्ञान मंत्रालया की विशेषज्ञ टीम बुधवार 5 अगस्त को नासिक जिले का दौरा करेगी।
प्रभावित क्षेत्रों की होगी सीधी निगरानी
यह टीम भूकंप प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर भूगर्भीय स्थिति, झटकों के कारणों, भूगर्भीय गतिविधियों और आवश्यक उपायों का अध्ययन करेगी। प्राथमिक चरण में कलवण सहित संवेदनशील क्षेत्रों में चौबीसों घंटे काम करने वाले चार अस्थायी भूकंप रिकॉर्डिंग स्टेशन (सीस्मोग्राफ) स्थापित किए जाएंगे। इन उपकरणों के माध्यम से सूक्ष्म से सूक्ष्म झटकों को दर्ज कर उसका विवरण सीधे दिल्ली नियंत्रण केंद्र को भेजा जाएगा।
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स्थायी भूकंप वेधशाला स्थापित करने की योजना
बार-बार आ रहे झटकों के मद्देनजर प्राथमिक अध्ययन पूरा होने के बाद इस क्षेत्र में एक स्थायी भूकंप वेधशाला और निरीक्षण केंद्र स्थापित करने का प्रयास किया जाएगा, इस प्रणाली से जिले की भूकंपीय हलचलों की निरंतर निगरानी, उनका विश्लेषण और स्थानीय प्रशासन को सटीक तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना संभव होगा। इससे भविष्य में भूकंप से जुड़ी जानकारियां स्थानीय स्तर पर तेजी से उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।
