15 साल तक यौन शोषण और ‘तांत्रिक डायरी’ का खौफ, अशोक खरात के बाद बड़े बाबा के खिलाफ मुख्यमंत्री से जांच की मांग
Bade Baba Nashik: नासिक के भोंदू 'बड़े बाबा' पर 15 साल तक महिला के शोषण और 55 करोड़ की ठगी का आरोप। अंनिस ने मुख्यमंत्री फडणवीस से जांच और गिरफ्तारी की मांग की है।
- Written By: अनिल सिंह
Bade Baba Nashik Ganesh Jagtap (फोटो क्रेडिट-X)
Bade Baba Nashik Ganesh Jagtap: नासिक के ‘भोंदू बाबा’ अशोक खरात के बाद अब गणेश जयराम जगताप उर्फ ‘बड़े बाबा’ के कारनामों ने महाराष्ट्र की राजनीति और प्रशासन में हड़कंप मचा दिया है। तंत्र-मंत्र की आड़ में महिलाओं के यौन शोषण और करोड़ों की धोखाधड़ी के आरोपों के बाद, अब मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से इस स्वयंभू बाबा के खिलाफ कड़ी जांच की मांग की गई है।
महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अंनिस) ने इस मामले में मोर्चा खोलते हुए मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा है, जिसमें ‘बड़े बाबा’ के काले कारनामों का कच्चा चिट्ठा पेश किया गया है।
15 साल तक यौन शोषण और ‘तांत्रिक डायरी’ का खौफ
जांच में सामने आया है कि गणेश जगताप उर्फ बड़े बाबा ने एक महिला के पति का शराब छुड़ाने के बहाने करीब 15 वर्षों तक उसका शारीरिक शोषण किया। आरोप है कि वह महिला को एक ‘तांत्रिक डायरी’ दिखाता था, जिसमें उसके परिवार के सदस्यों के नाम लिखे थे। वह धमकी देता था कि यदि उसने शारीरिक संबंध नहीं बनाए, तो डायरी में लिखे किसी सदस्य की बलि चढ़ जाएगी। इस खौफ के साए में बाबा ने पीड़िता का लंबे समय तक शोषण किया, जिसके खिलाफ अब इंदिरानगर पुलिस स्टेशन में बलात्कार, धोखाधड़ी और एट्रोसिटी एक्ट के तहत मामला दर्ज है।
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55 करोड़ का मंदिर और ‘मंत्रिमंडल’ के नाम का इस्तेमाल
अंनिस के राज्य कार्यवाहक कृष्णा चांदगुडे ने सोशल मीडिया पर कुछ ऐसे बैनर वायरल किए हैं, जिसने सरकार की नींद उड़ा दी है। निफाड के धारणगाव खडक में इस बाबा ने करीब 55 करोड़ रुपये खर्च कर कामाख्या देवी का मंदिर बनवाया है। चौंकाने वाली बात यह है कि 19 मार्च से शुरू होने वाले मंदिर के प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम के पोस्टरों पर बाबा ने बिना अनुमति मुख्यमंत्री और कई कैबिनेट मंत्रियों के नाम ‘प्रमुख अतिथि’ के रूप में छाप दिए हैं। अंनिस का आरोप है कि रसूखदारों के नाम का इस्तेमाल कर वह अपनी भोंदूगिरी को जायज ठहराने की कोशिश कर रहा है।
खजाने का लालच और जादुई नोटों की बारिश का झांसा
बड़े बाबा ने नासिक के पाथर्डी फाटा इलाके में ‘मच्छिंद्रनाथ ट्रस्ट’ के नाम से एक आलीशान बंगला बनाया था, जहाँ वह खुद को सिद्ध मांत्रिक बताता था। वह लोगों को जमीन में गड़ा खजाना निकाल देने, तांत्रिक विधि से सोने के हंडे दिलाने और ‘पैसों की बारिश’ कराने जैसे लुभावने वादे कर जाल में फंसाता था। अंनिस ने मांग की है कि इस पूरे वित्तीय साम्राज्य की जांच होनी चाहिए कि आखिर एक स्वयंभू बाबा के पास 55 करोड़ रुपये का मंदिर बनवाने और आलीशान जीवन जीने के लिए धन कहाँ से आया।
