Ashok Kharat SIT Investigation (डिजाइन फोटो)
Nashik Bhondu Baba Case Update: नासिक के सिन्नर स्थित मीरगांव में ‘धर्मगुरु’ का चोला ओढ़कर साम्राज्य चलाने वाले अशोक खरात की काली दुनिया का अंत अब करीब है। आईपीएस अधिकारी तेजस्विनी सतपुते के नेतृत्व वाली विशेष जांच दल (SIT) ने इस मामले में जो खुलासे किए हैं, वे रोंगटे खड़े करने वाले हैं। 18 मार्च को हुई गिरफ्तारी के बाद हुई जांच में न केवल यौन शोषण के वीभत्स मामले सामने आए हैं, बल्कि 1,500 करोड़ रुपये की अकूत संपत्ति का भी पता चला है।
इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए अब आयकर विभाग और साइबर पुलिस भी एसआईटी के साथ मिलकर साक्ष्यों की परतों को खंगाल रही है।
एसआईटी की जांच में अशोक खरात के पास से 100 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, खरात इन वीडियो का इस्तेमाल महिलाओं को ब्लैकमेल करने और उन्हें डराने के लिए करता था। जांच में यह भी सामने आया है कि वह खुद को ‘दैवीय शक्ति’ का मालिक बताकर महिलाओं का विश्वास जीतता और फिर नशीला पदार्थ खिलाकर उनके साथ बलात्कार करता था। उसके सहयोगी योगेश भालेराव और नीरज जाधव के पास से मिले डिजिटल सबूतों ने इस ढोंगी बाबा की पोल खोल दी है। कनाड़ा कॉर्नर स्थित उसके कार्यालय से एक रिवॉल्वर और 21 कारतूस भी बरामद किए गए हैं।
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जांच का सबसे चौंकाने वाला पहलू खरात की आर्थिक शक्ति है। सिन्नर में एक मंदिर ट्रस्ट का प्रमुख होने के नाते, खरात के पास लगभग 1,500 करोड़ रुपये की बेनामी और घोषित संपत्ति होने का अनुमान है। आयकर विभाग अब उसके वित्तीय लेन-देन और उन राजनेताओं की सूची खंगाल रहा है, जो वर्षों से उसके दरबार में हाजिरी लगाते थे। खरात ने जबरन वसूली (Extortion) का भी एक बड़ा नेटवर्क बना रखा था, जिसमें वह रसूखदारों को वीडियो के जरिए धमकाकर करोड़ों रुपये ऐंठता था।
डीजीपी सदानंद दाते और राज्य सरकार इस मामले की सीधी निगरानी कर रहे हैं। एसआईटी ने अब तक खरात के खिलाफ 8 प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं, जिनमें बलात्कार, यौन उत्पीड़न और जबरन वसूली की धाराएं शामिल हैं। आईपीएस तेजस्विनी सातपुते ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास खरात के खिलाफ कोई जानकारी है, तो वे निडर होकर सामने आएं। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि गवाहों और पीड़ितों की पहचान पूरी तरह से गुप्त रखी जाएगी, ताकि वे बिना किसी डर के इस ‘नरपिशाच’ के खिलाफ गवाही दे सकें।