मुंबई के 5-स्टार होटल में 25 हजार का कमरा और 365 दिन की बुकिंग; अशोक खरात के ‘हवाला हब’ का खुलासा
Ashok Kharat Hawala Racket: मुंबई के 5-स्टार होटल में 1 करोड़ के किराए पर कमरा बुक कर हवाला चला रहा था खरात। 1000 करोड़ विदेश भेजने का शक।
- Written By: अनिल सिंह
Ashok Kharat Case SIT Investigation Update (डिजाइन फोटो)
Ashok Kharat Hawala Racket Update: नासिक के जालसाज अशोक खरात के मामले में हर दिन ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो फिल्म की स्क्रिप्ट जैसे लगते हैं। ताज़ा जांच में सामने आया है कि खरात केवल अंधविश्वास का धंधा नहीं कर रहा था, बल्कि मुंबई के एक नामी 5-स्टार होटल से एक बड़ा हवाला रैकेट चला रहा था। सूत्रों के मुताबिक, इस होटल में एक आलीशान कमरा पूरे 365 दिनों (12 महीने) के लिए बुक रहता था। इस कमरे का एक दिन का किराया 20,000 से 25,000 रुपये के बीच था, यानी साल भर में सिर्फ कमरे के लिए करीब 1 करोड़ रुपये चुकाए जा रहे थे।
नासिक पुलिस अब इस बात की तहकीकात कर रही है कि आखिर एक साल तक होटल का कमरा बुक रखने के पीछे की असली मंशा क्या थी। संदेह है कि यह कमरा करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं और काले धन के लेन-देन का मुख्य अड्डा था। यह कमरा खरात के पुणे स्थित फाइनेंशियल एडवाइजर ललित पोफले के लिए आरक्षित रहता था। पोफले, खरात के ट्रस्ट में ट्रस्टी भी है और माना जा रहा है कि इसी आलीशान कमरे में बड़े नेताओं और व्यापारियों के साथ खरात की गुप्त बैठकें होती थीं।
1000 करोड़ की हेराफेरी और विदेशी लिंक
जांच एजेंसियों को शक है कि इस कमरे का इस्तेमाल देश और विदेश में काला धन भेजने के लिए किया जा रहा था। अशोक खरात पर आरोप है कि उसने ऑस्ट्रेलिया, दुबई और अन्य 4-5 देशों में हवाला के जरिए पैसा भेजा है। अनुमान है कि भ्रष्ट अधिकारियों और राजनेताओं की करीब 1,000 करोड़ रुपये से ज्यादा की रकम इन देशों में ठिकाने लगाई गई है। इतना ही नहीं, पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या इस कमरे का इस्तेमाल हाई-प्रोफाइल लोगों को फंसाने और उन्हें ब्लैकमेल करने के लिए तो नहीं किया जा रहा था?
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रोहित पवार ने की राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी जांच की मांग
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एनसीपी नेता रोहित पवार ने केंद्र सरकार से दखल देने की मांग की है। रोहित पवार का कहना है कि यह मामला केवल धोखाधड़ी का नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य के गृह विभाग से अपील की है कि बिना किसी राजनीतिक लाभ-हानि के इस मामले की तह तक जाया जाए। चूंकि इसमें विदेशी फंडिंग और हवाला के तार जुड़े हैं, इसलिए केंद्रीय एजेंसियों की मदद लेना भी जरूरी माना जा रहा है।
ललित पोफले और खरात का गठजोड़
फाइनेंशियल एडवाइजर ललित पोफले की भूमिका इस पूरे केस में सबसे संदिग्ध मानी जा रही है। पोफले ही वह व्यक्ति था जो खरात के पूरे आर्थिक साम्राज्य और ट्रस्ट के पैसों का प्रबंधन करता था। पुलिस अब होटल के रिकॉर्ड्स, सीसीटीवी फुटेज और पोफले के बैंक खातों की बारीकी से जांच कर रही है। खरात की गिरफ्तारी के बाद अब उसके इस सफेदपोश नेटवर्क के टूटने की उम्मीद जगी है, जिसमें कई बड़े नाम बेनकाब हो सकते हैं।
