Sushma Andhare On Ashok Kharat (फोटो क्रेडिट-X)
Sushma Andhare Allegation on Ashok Kharat: महाराष्ट्र की राजनीति में ‘कैप्टन’ अशोक खरात की गिरफ्तारी ने एक बड़ा तूफान खड़ा कर दिया है। शिवसेना (यूबीटी) की फायरब्रांड नेता सुषमा अंधारे ने इस मामले की तुलना कुख्यात अमेरिकी अपराधी जेफरी एपस्टीन के केस से करते हुए इसे ‘महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल्स’ करार दिया है। नाशिक पुलिस द्वारा ज्योतिषी अशोक खरात को एक महिला के यौन शोषण और बलात्कार के आरोप में गिरफ्तार किए जाने के बाद, अंधारे ने सत्ताधारी दल के नेताओं और महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
सुषमा अंधारे का दावा है कि अशोक खरात केवल एक ढोंगी ज्योतिषी नहीं था, बल्कि वह प्रभावशाली राजनेताओं और अधिकारियों के लिए ‘अघोरी’ अनुष्ठान करता था। उनके अनुसार, खरात के पास कई शक्तिशाली लोगों के आपत्तिजनक वीडियो और सबूत हैं, जिनका उपयोग वह ब्लैकमेलिंग और अपना रसूख बढ़ाने के लिए करता था। अंधारे ने आरोप लगाया कि प्रशासन और महिला आयोग की चुप्पी इस बात का संकेत है कि इस ‘सेक्स स्कैंडल’ की जड़ें बहुत गहरी हैं और कई बड़े नाम इसमें फंस सकते हैं।
सुषमा अंधारे ने सीधे तौर पर राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि चाकणकर, खरात की संस्था में निदेशक रह चुकी हैं और उनके परिवार के साथ खरात के करीबी संबंध हैं। अंधारे का कहना है कि जब एक स्थानीय पत्रकार ने खरात के काले कारनामों को उजागर करने की कोशिश की थी, तब महिला आयोग की शक्ति का दुरुपयोग कर उस पत्रकार को डराया-धमकाया गया था। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या रक्षक ही अब भक्षक को संरक्षण दे रहे हैं?
ये भी पढ़ें- महाराष्ट्र की एपस्टीन फाइल्स: अशोक खरात की काली करतूत और ट्रस्ट के बारे में पूरी जानकारी
इस मामले में सबसे चौंकाने वाला खुलासा ‘अघोरी पूजा’ को लेकर हुआ है। अंधारे ने दावा किया कि खरात के प्रभाव में आकर कुछ बड़े नेताओं ने अपनी करंगळी (छोटी उंगली) काटकर पूजा में चढ़ाई थी। सोशल मीडिया पर एक फोटो भी वायरल हो रही है जिसमें एक व्यक्ति की उंगली पर पट्टी बंधी हुई है। अंधारे ने मांग की है कि पुलिस को उन सीसीटीवी फुटेज और पेनड्राइव की जांच करनी चाहिए, जिनमें कथित तौर पर 58 से अधिक आपत्तिजनक वीडियो मौजूद हैं।
अंधारे ने उपमुख्यमंत्री अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को भी इस मुद्दे पर घेरा है। उन्होंने पूछा कि क्या एक महिला होने के नाते वह ऐसी महिला का समर्थन करेंगी जो बलात्कार के आरोपी को बचा रही है? उन्होंने मांग की है कि इस पूरे मामले की एसआईटी (SIT) जांच होनी चाहिए ताकि यह साफ हो सके कि खरात के ‘आश्रम’ में और कितनी महिलाओं का शोषण हुआ है और वे कौन से सफेदपोश लोग हैं जो रात के अंधेरे में वहां हाजिरी लगाते थे।